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अनमोल में सही प्रविष्टि न होने से महिलाएं प्रसूता जननी सुरक्षा के लाभ से वंचित

जननी सुरक्षा योजना को लेकर महिला हितग्राहियों को मिलने वाली सहायता राशि अनमोल पोर्टल में गलत फ ीडिंग के कारण नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से जहां एक और हितग्राहियों को राशि से वंचित होना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर प्रसव कराने वाले सरकारी अस्पतालों की शिकायतेंं हो रही हैं।

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नरसिंहपुर. जननी सुरक्षा योजना को लेकर महिला हितग्राहियों को मिलने वाली सहायता राशि अनमोल पोर्टल में गलत फ ीडिंग के कारण नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से जहां एक और हितग्राहियों को राशि से वंचित होना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओर प्रसव कराने वाले सरकारी अस्पतालों की शिकायतेंं हो रही हैं। भुगतान न होने की वजह से अस्पताल प्रशासन को फिलहाल 76 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है ।जानकारी के मुताबिक जननी सुरक्षा योजना के तहत महिलाओं को प्रथम प्रसव पर दी जाने वाली कुल सहायता राशि 3 चरणों से होकर गुजरती है। प्रथम प्रसव पर महिला एवं बाल विकास विभाग से तीन किश्तों में ५ हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं । जबकि जिस सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया जाता है वहां से 14०० और 10600 प्रदान किए जाते हैं।
नवंबर 2020 तक प्रसव कराने वाली संस्था द्वारा दस्तक पोर्टल पर समस्त दस्तावेज अपलोड कर उसे यह राशि प्रदान कर दी जाती थी, लेकिन दिसंबर 2020 से भुगतान के लिए अनमोल सॉफ्टवेयर पर प्राथमिक रूप से प्रविष्टियां करने की जिम्मेदारी एएनएम को दी गई थी । इसके लिए एएनएम को प्रशिक्षण देकर एक टैब उपलब्ध कराया गया था। जिसमें वह प्रसूता से संबंधित जानकारियां प्रविष्ट करती हैं लेकिन एएनएम द्वारा बुनियादी स्तर पर की जा रही गलतियों की वजह से कई महिलाएं अस्पताल से मिलने वाली 10600व 1400 रुपए की राशि से वंचित हो रही हंै।
इन त्रुटियों के चलते बन रही समस्या
कई मामलों में यह बात सामने आ रही है कि एएनएम द्वारा अनमोल सॉफ्टवेयर में कई खातों में समग्र आईडी में जीरो लिख दिया गया है तो कहीं बैंक खाता क्रमांक में जीरो लिखकर भेजा गया। जिसकी वजह से उन्हें भुगतान नहीं हो सका । निर्धारित प्रक्रिया के तहत एएनएम द्वारा अनमोल सॉफ्टवेयर में समस्त प्रविष्टियां सही किए जाने के बाद वह स्वास्थ्य विभाग के ई मित्र सॉफ्टवेयर में ऑटोमेटिक सारी जानकारी भेज देता है । लेकिन एएनएम द्वारा यदि अनमोल सॉफ्टवेयर मेंं जानकारी अधूरी भरी गई है या गलत जानकारी दी गई है तो ई मित्र उसे स्वीकार नहीं करता और भुगतान के लिए आगे पास नहीं करता। ऐसी स्थिति में भुगतान करने वाली संस्था को व्यक्तिगत तौर से एएनएम से संपर्क कर उसे सही प्रविष्टि के लिए कहा जाता है । कई बार उनसे संपर्क न हो पाने और एएनएम द्वारा सही प्रविष्टि न किए जाने से समस्या निर्मित होती है। और प्रसूता को भुगतान नहीं हो पाता। गौरतलब है कि इसके लिए समग्र आईडी और संबल योजना में पंजीयन होना जरूरी है।
इस सुधार की जरूरत
यदि समस्त प्रविष्टियों की जिम्मेदारी किसी एक सॉफ्टवेयर पर अपलोड करने की व्यवस्था लागू की जाए तो फिर इस समस्या से निजात मिल सकती है।
वर्जन
अनमोल सॉफ्टवेयर में एएनएम द्वारा गलत जानकारी भरे जाने की वजह से प्रसूता को मिलने वाली राशि अस्पताल प्रशासन का ई मित्र सॉफ्टवेयर पास नहीं करता। जिसकी वजह से प्रसूता को मिलने वाला भुगतान रुक जाता है। भुगतान न मिलने पर हितग्राही शिकायत करता है। हमें इससे संबंधित ७६ सीएम हेल्पलाइन का जवाब देना है।
डॉ.अनीता अग्रवाल, सिविल सर्जन