
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर हादसे की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक कमेटी गठित कर दी है जो 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने तीन मृतक अभ्यर्थियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। समिति कारणों की जांच करेगी, जिम्मेदारी तय करेगी, उपाय सुझाएगी और नीतिगत बदलावों की सिफारिश करेगी। हादसे में आइएएस की तैयारी कर रहे एक छात्र और दो छात्राओं की राव कोचिंग सेंटर की बेसमेंट लाइब्रेरी में डूबने से मौत हो गई थी। वहीं बेसमेंट में चल रहे विकास दिव्यकीर्ति की दृष्टि IAS समेत 13 कोचिंग संस्थान सील किये गए हैं।
अब तक सात गिरफ्तारियां: मामले में सोमवार को पांच और गिरफ्तारियों सहित कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त व सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, छात्रों ने न्याय की मांग करते हुए मोमबत्तियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। एक छात्र किशोर ङ्क्षसह कुशवाह ने दावा किया है कि एक माह पहले ही सरकारों व एमसीडी को अवैध लाइब्रेरी को लेकर आगाह किया था पर कार्रवाई नहीं हुई।
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा में कहा, कोचिंग अब धंधा बन गई है। ऐसा कोचिंग कल्चर किसी गैस चैम्बर से कम नहीं हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, 'यह लापरवाही है। इस पर राजनीति न हो। जवाबदेही तय होगी, तभी समाधान निकलेगा...यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना दोबारा न हो।' राज्यसभा में इस मुद्दे पर नियम 176 के तहत अल्पकालिक चर्चा हुई। राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी व स्वाति मालीवाल ने मामले पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया। सभापति ने नियम 176 के तहत अल्पकालिक चर्चा की अनुमति दी, क्योंकि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व अन्य विपक्षी दल नियम 267 के तहत चर्चा करने से असहमत थे।
Published on:
30 Jul 2024 09:34 am
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