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आपस में भिड़ी BJP महिला नेता, गर्ल्स हॉस्टल को लेकर शुरू हुआ विवाद

पुणे PMC बनर गर्ल्स हॉस्टल विवाद को लेकर दो महिला नेताओं में तीखी बहस और हंगामा हुआ। निर्माण कार्य और भ्रष्टाचार के आरोपों से PMC मुख्यालय में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

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पुणे

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Devika Chatraj

Apr 16, 2026

पुणे महानगरपालिका

पुणे महानगरपालिका (PMC) मुख्यालय में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब बनर इलाके में बन रहे गर्ल्स हॉस्टल प्रोजेक्ट को लेकर दो महिला भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। यह मामला केवल प्रशासनिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिसर में हंगामे की स्थिति तक पहुंच गया।

120 छात्राओं के लिए बन रहा हॉस्टल प्रोजेक्ट

PMC बनर में पिछड़े वर्ग और आदिवासी समुदाय की छात्राओं के लिए एक चार मंजिला आवासीय शिक्षा केंद्र का निर्माण कर रही है। इस हॉस्टल में कुल 120 छात्राओं के रहने की व्यवस्था की जा रही है। योजना के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की सुविधा होगी, पहले मंजिल पर 4 क्लासरूम, किचन, ऑफिस, मेस और मीटिंग हॉल होंगे। ऊपर की तीन मंजिलों पर प्रत्येक में 12-12 कमरे बनाए जा रहे हैं।

6 करोड़ से ज्यादा की लागत

इस परियोजना पर लगभग 6.58 करोड़ रुपये की लागत से सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं बिजली और फर्नीचर जैसे अतिरिक्त कार्यों के लिए करीब 3 करोड़ रुपये के खर्च को इसी वित्तीय वर्ष में मंजूरी दी गई है।

PMC मुख्यालय में क्यों हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार, सिटिंग पार्षद रोहिणी चिंटे अपने समर्थकों के साथ PMC कार्यालय पहुंचीं और हॉस्टल निर्माण कार्य को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उन्होंने कार्य फिलहाल रोक दिए जाने पर आपत्ति जताई और ठेकेदार को बुलाने की मांग की। इसी दौरान पूर्व पार्षद राजश्री काले भी वहां पहुंच गईं और उन्होंने आरोप लगाया कि चिंटे इस परियोजना के काम में बाधा डाल रही हैं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा तक पहुंच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि परिसर में हंगामे का माहौल बन गया।

एक-दूसरे पर गंभीर आरोप

राजश्री काले ने आरोप लगाया कि रोहिणी चिंटे ठेकेदार से पैसे की मांग कर रही थीं ताकि निर्माण कार्य को आगे बढ़ने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है, खासकर जब यह परियोजना छात्राओं के हित में है। वहीं रोहिणी चिंटे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे केवल क्षतिग्रस्त कंपाउंड वॉल की जानकारी लेने गई थीं। उनके अनुसार, उसी दौरान विवाद शुरू हुआ।

दोनों आरक्षित महिला सीट से पार्षद रह चुकी हैं

बताया जा रहा है कि रोहिणी चिंटे पहले एनसीपी से जुड़ी थीं और बाद में भाजपा में शामिल हुईं। दोनों ही नेता एसटी आरक्षित महिला सीट से पार्षद रह चुकी हैं, जिससे यह मामला और भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।