
हुमायूं कबीर।( फोटो-ANI)
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसमें हर दिन कुछ नया होता है। लेकिन गुरुवार को जो मामला सामने आया वो सबसे गंभीर है।
एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है जिसमें एक नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलेआम हत्या करने और शव दफनाने की धमकी दे रहे हैं।
यह नेता हैं आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP के संस्थापक और उम्मीदवार हुमायूं कबीर। अब तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने इस वीडियो को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है।
शिकायत के मुताबिक वायरल वीडियो में हुमायूं कबीर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बेलडांगा-II ब्लॉक के रहने वाले मैनुल हक राणा के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहीं।
इतना ही नहीं उन्होंने TMC नेता अभिषेक बनर्जी, उनके पीए सुमित रॉय और पार्टी से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी अपमानजनक और मानहानि करने वाले बयान दिए।
तृणमूल का कहना है कि इस वीडियो के जरिए कबीर ने जानबूझकर उनके नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने की कोशिश की। मकसद साफ था कि मतदाताओं के दिमाग पर असर डाला जाए और चुनावी माहौल को खराब किया जाए।
टीएमसी ने अपनी शिकायत में यह भी लिखा है कि हुमायूं कबीर ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं तोड़ी हैं। धारा 356 के तहत मानहानि का मामला बनता है।
धारा 351 के तहत आपराधिक धमकी का मामला है। और धारा 174 के तहत चुनाव के दौरान अनुचित दबाव बनाने का मामला बनता है।
इसके अलावा आचार संहिता का भी खुला उल्लंघन हुआ है। चुनाव के दौरान कोई भी उम्मीदवार किसी की निजी ज़िंदगी पर हमला नहीं कर सकता। बिना सबूत के आरोप नहीं लगा सकता। और अपमानजनक बयानबाजी नहीं कर सकता।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई इस शिकायत में TMC ने तीन मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि हुमायूं कबीर को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।
दूसरी मांग है कि उनके खिलाफ FIR दर्ज हो। और तीसरी मांग है कि ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जो आगे के लिए एक मिसाल बने।
यह शिकायत उसी दिन आई है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दम दम एयरपोर्ट पर केंद्रीय बलों द्वारा उनकी गाड़ी रोके जाने पर बड़ा बवाल खड़ा किया। यानी बंगाल में एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव है, दूसरी तरफ उम्मीदवारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP एक छोटी पार्टी जरूर है लेकिन इस वायरल वीडियो ने उन्हें बड़े विवाद के केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है।
Published on:
16 Apr 2026 12:07 pm
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