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जन्मदिन पर क्यों बदनाम हुआ IIT Baba अभय सिंह, पाकिस्तान की जीत की भविष्यवाणी कर भी हुए थे ट्रोल

IIT BABA Controversy: अभय सिंह को आईआईटी बाबा के नाम से भी जाना जाता है। वे IIT बॉम्बे से स्नातक हैं। उन्होंने आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए इंजीनियरिंग में अपना करियर छोड़ दिया। आइए जानतें हैं उनसे जुड़ी कंट्रोवर्सी के बारे में-

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भारत

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Akash Sharma

Mar 03, 2025

Abhay Singh alias IIT Baba

अभय सिंह उर्फ़ आईआईटी बाबा (फाइल फोटो)

IIT BABA Controversy: महाकुंभ 2025 प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु ने गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती नदियों के संगम में डुबकी लगाई। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक उत्सव में कुछ नाम बहुत चर्चित हुए। इन फेमस लोगों में आईआईटी बाबा, मोनालिसा और वायरल साध्वी सहित कई हस्तियां शामिल हैं। लेकिन जो नाम सबसे ज्यादा पॉपुलर हुआ वो है अभय सिंह ऊर्फ आईआईटी बाबा का। महाकुंभ में फेमस होते ही IIT Baba के सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की जैसे बांढ़ आ गई। IIT Baba की वीडियो और रिल्स भी सोशल पर बहुत वायरल हो रहे हैं। अभय सिंह के जन्मदिन पर आज राजस्थान पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया हालांकि कुछ देर के बाद जमानत पर रिहा भी कर दिया गया।

Ind Vs Pak मैच में पाकिस्तान की जीत की भविष्यवाणी

IIT बाबा ने 23 फरवरी 2025 को दुबई में खेले गए भारत-पाक क्रिकेट मैच को लेकर एक भविष्यवाणी की थी। IIT बाबा की भविष्यवाणी से हर क्रिकेट फैन परेशान हो गया। दरअसल, IIT बाबा ने भविष्यवाणी की थी कि विराट कोहली और पूरी भारतीय टीम कितना ही जोर लगा लें, लेकिन वह इस मैच को नहीं जीत पाएगी। यह मैच पाकिस्तान जितेगा। हालांकि, IIT बाबा की यह बात गलत साबिक हुई और भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से शिकस्त दी। इसके बाद इंडियन फैंस आईआईटी बाबा को सोशल मीडिया पर उल्टा सीधा लिखने लगे थे।

जन्मदिन पर राजस्थान पुलिस ने किया गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान में आज IIT Baba को किडनैप किया गया। हालांकि, कुछ देर पूछताछ करने के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "अभी मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। आज मेरा जन्मदिन है और मैं आज खुश होना चाहता हूं।"

इससे पहले जयपुर के शिप्रापथ थाना प्रभारी, राजेंद्र गोदारा ने बताया, "हमें यह सूचना मिली कि ​​IIT बाबा एक होटल में ठहरे हुए हैं। वह आत्महत्या कर सकते हैं। जब हम वहां पहुंचे, तो उन्होंने कहा कि मैं 'गांजा' पीता हूं, यह अभी भी मेरे पास है, और जब मैं बेहोश था तो मैंने कुछ कहा होगा। 'गांजा' रखना NDPS अधिनियम के तहत एक अपराध है। इसलिए, हमने उसे गिरफ्तार कर लिया… मात्रा कम होने के कारण, हमने उससे पूछताछ की और फिर उसे जमानत पर रिहा कर दिया। अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया जाएगा।" दरअसल, उनके अनुयायियों ने पुलिस को सूचित किया कि वह आत्महत्या करने जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया है।

खुद को बताया भगवान कृष्ण का अवतार

एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान IIT बाबा ने कहा, 'मुझे पुनर्जन्म के बारे में भी सबकुछ पता है। कई सारे काम तो मैं पिछले जन्म में ही कर चुका हूं। मुझे पता है कि मैं पिछले जन्म में क्या काम किया करता था। पिछले जन्म के बारे में जब उनसे पूछा गया तो वो बोले कि मैं पहले भगवान कृष्ण था। इसके अलावा एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने दावा किया था कि वे श्मशान में हड्डियां भी खाते थे। इसके साथ ही उन्होंने अलग-अलग इंटरव्यू में कई सारी अलग-अलग तरह की बातें की हैं जिनकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

पहले प्रयास में ही मिला IIT मुंबई में एडमिशन

अभय का जन्म 3 मार्च 1990 को झज्जर जिले के सासरौली गांव में हुआ था। अभय सिंह के पिता का नाम करण सिंह ग्रेवाल है जो पेशे से एक वकील हैं। अभय की एक बड़ी बहन है जो शादी के बाद वह कनाडा चली गई और अब USA में रहती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करण सिंह ग्रेवाल ने बताया कि 12वीं तक अभय ने झज्जर में पढ़ाई की। इसके बाद उसने दिल्ली में IIT की तैयारी की और अपने पहले प्रयास में ही 2008 में 18 साल की उम्र में IIT मुंबई में दाखिला ले लिया। 2014 में B.Tech पूरा करने के बाद अभय ने IIT मुंबई से डिजाइनिंग में एमटेक किया। एक कंपनी में नौकरी करने के बाद अभय अपनी बहन के पास कनाडा चला गया।

इस कारण त्यागा गृहस्थ जीवन

अभय सिंह के पिता करण सिंह ग्रेवाल के अनुसार, "वह कुछ समय अपनी बहन के पास रहा और फिर नौकरी मिलने पर अलग घर में रहने लगा। वहां कुछ महीने काम करने के बाद कोविड-19 के कारण लॉकडाउन लग गया और अभय कई महीनों तक अपनी बहन से नहीं मिल पाया। जब लॉकडाउन से राहत मिली तो अभय भारत आ गया। कुछ समय यहां रहने के बाद वह करीब छह महीने के लिए कनाडा वापस चला गया और फिर भारत लौट आया। साल 2022 में, वह तमिलनाडु के कोयंबटूर में सद्गुरु के ईशा योग केंद्र गए और लगभग छह महीने तक वहीं रहा।

इसके बाद अभय सिंह झज्जर लौट आए और फिर तीन महीने तक दिल्ली में अध्यात्म का अध्ययन किया। अभय ने फिर धर्मशाला का दौरा किया और ऋषिकेश की यात्राएं भी कीं, लेकिन परिवार के संपर्क में रहे। लगभग छह महीने पहले हमने बार-बार अभय को घर वापस आने के लिए कहा, तो उसने परिवार के सभी सदस्यों के नंबर ब्लॉक कर दिए और उससे संपर्क नहीं हो सका।" अभय सिंह के पिता एडवोकेट करण सिंह ग्रेवाल ने मीडिया को बताया कि उनके बेटे ने गृहस्थ जीवन त्यागने का फैसला उसके और उसकी पत्नी के बीच झगड़े के कारण लिया है।