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जालंधर पुलिस मुठभेड़ के बाद Lawrence Bishnoi गैंग के दो साथी गिरफ्तार

जालंधर पुलिस ने बुधवार को जालंधर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो साथियों को मुठभेड़ और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
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नई दिल्ली

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Devika Chatraj

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Updated: 27 Nov 2024, 3:04 PM IST

Lawrence Bishnoi Gang: जालंधर पुलिस ने बुधवार को जालंधर में एक तीखी मुठभेड़ के बाद लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) गिरोह के दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, पीछा करने के दौरान संदिग्धों द्वारा उन पर गोली चलाने के बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने बिश्नोई के साथियों पर गोलियां चलाईं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर कई आरोप हैं, जिनमें जबरन वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वे आर्म्स एक्ट और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के उल्लंघन में भी शामिल हैं।

हथियार हुए बरमाद

ऑपरेशन के दौरान, कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता और इन व्यक्तियों द्वारा उत्पन्न संभावित खतरे को रेखांकित करते हुए, बड़ी संख्या में कारतूसों के साथ तीन आग्नेयास्त्र बरामद किए। इससे पहले, मंगलवार को, कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करने की सूचना मिलने के बाद जयपुर पुलिस ने बिश्नोई गिरोह से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था।

सोशल मीडिया से मिली मदद

पुलिस ने कहा कि चारों लोग गैंगस्टर बिश्नोई और गोदारा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो कर रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया गया था। उन्हें मध्य प्रदेश से कई अवैध हथियार भी मिले थे और वे गिरोह से कथित रूप से जुड़े किसी व्यक्ति के इशारे पर आदेशों को पूरा करने जा रहे थे। पुलिस ने जयपुर कमिश्नरेट स्पेशल टीम (सीएसटी) से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की। हमें सीएसटी से एक इनपुट मिला था कि एक व्यक्ति की सोशल मीडिया गतिविधि संदिग्ध है। जांच करने पर पता चला कि वह लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गिरोह के हैंडल को फॉलो करता था।

गिरोह के लिए कूरियर का काम

वह उनसे (गिरफ्तार किए गए चार लोगों) संपर्क में आया और उनके निर्देश पर वह एमपी से कुछ हथियार लेकर आया। वे उसके कहने पर किसी घटना को अंजाम देने वाले थे," जयपुर के सहायक पुलिस आयुक्त अनूप सिंह ने बताया। एसीपी सिंह के अनुसार, ये लोग गिरोह के लिए कुछ कूरियर का काम कर रहे थे और उन्हें आगे की अवैध गतिविधियों के लिए आदेश मिलने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।

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