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‘अगर असद होता तो क्या होता?’ CJI पर जूता फेंकने की कोशिश के मामले पर ओवैसी का बड़ा बयान

ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- भारत के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया?
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 8 Oct 2025, 3:50 PM IST

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर साधा निशाना (Photo-IANS)

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई बीआर गवई पर वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने की कोशिश मामले में AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया है। ओवैसी ने बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर धार्मिक पूर्वाग्रह का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अब तक राकेश किशोर के खिलाफ कोई मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ। साथ ही पूछा अगर वह राकेश किशोर की जगह असद होता तो क्या होता?

एक्स पर किया पोस्ट

एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- भारत के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले व्यक्ति के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया?

राकेश की जगह असद होता तो क्या होता- ओवैसी

वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने एक सभा को संबोधित करते हुए घटना का जिक्र किया और कहा- लोगों को समझना चाहिए कि बीजेपी आपकी दोस्त नहीं हो सकती और मोदी आपके साथ नहीं हो सकते। अगर उसका नाम राकेश किशोर नहीं होता, असद होता तो क्या होता? पुलिस और बीजेपी वाले क्या करते- उसे उठा लेते, पड़ोसी देश और आईएसआई से संबंध निकाल लेते।

मोदी के कार्यालय में फैला जहर

सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा- हम पीएम नरेंद्र मोदी, मोहन भागवत और सीएम नीतीश कुमार से पूछना चाहते हैं कि इस व्यक्ति की कोर्ट में इस तरह की घटना करने की कैसे हिम्मत हुई। पीएम पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा- नरेंद्र मोदी, आपके प्रधानमंत्री रहते हुए 11 साल में इस तरह का ज़हर फैला है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई बीआर गवई पर वकील राकेश किशोर ने जूता फेंकने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले वकील को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया और कोर्ट से बाहर ले आए। जिससे यह घटना होने से बच गई।

घटना के बाद राकेश किशोर ने क्या कहा

हालांकि बाद में वकील राकेश किशोर ने कहा- उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और उन्होंने अपने विरोध को मध्य प्रदेश के खजुराहो में भगवान विष्णु की मूर्ति के पुनर्निर्माण की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश द्वारा की गई टिप्पणी से जोड़ा। 

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