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AIMPLB की लॉ कमीश्न को दो टूक- ‘‘शरीयत से किसी भी हाल में समझौता नहीं’, UCC भाजपा की चाल

UCC : लॉ कमीशन ने जब बोर्ड के सदस्यों से इस्लाम में शादी के लिए उम्र से जुड़े सवाल किया तो इस पर बोर्ड ने कहा कि इस्लाम में शादी की उम्र किसी साल के लिहाज से तय नहीं है।
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नई दिल्ली

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Prashant Tiwari

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Updated: 24 Aug 2023, 6:01 PM IST

 AIMPLB's Law Commission bluntly Not in any agreement with Shariat

प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान UCC को लेकर कहा था कि जब एक घर में दो नियम नहीं चल सकता तो एक देश में एक ही काम के लिए दो कानून कैसे हो सकता है। तभी से देश में UCC को लेकर बहस चल रही है। आज इसी मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के 11 सदस्यीय डेलिगेशन ने लॉ कमीशन के अध्यक्ष और सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने UCC, हलाला, मुतअ को लेकर अपनी राय बोर्ड को सामने रखी।

मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत का कानून है- AIMPLB

यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर आज AIMPLB का 11 सदस्यीय डेलिगेशन लॉ कमीशन के अध्यक्ष और सदस्यों से मुलाकात करने गया था। उन्होंने अपने मुलाकात के दौरान कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ कुरान और सुन्नत का कानून है, और उसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकता। मुसलमान शरीयत में किसी भी तरीके से समझौता नहीं करेगा।

UCC भाजपा और RSS के दिमाग का फितूर

AIMPLB के प्रवक्ता और सीनियर मेंबर कासिम रसूल इलियास ने मीडिया से कहा कि हमने लॉ कमीशन से कहा है कि ये सब बीजेपी और RSS की शह पर 2024 के मद्देनजर किया जा रहा है। यह सब RSS के दिमाग का फितूर है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड UCC का विरोध करता रहेगा। बता दें कि इस डेलिगेशन में बोर्ड के अध्यक्ष सैफुल्लाह रहमानी के अलावा मुफ्ती मुकर्रम, नबीला जमील और कासिम रसूल इलियास समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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