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ITAT ने एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन को दी बड़ी राहत, 4 करोड़ के दावे को किया खारिज, जानें क्या है मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) मुंबई में एक महत्वपूर्ण आयकर मुकदमा जीत लिया है। ITAT ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 4 करोड़ रुपये के अतिरिक्त दावे को खारिज कर दिया।

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Aishwarya Rai Bachchan

Aishwarya Rai Bachchan (Photo-IANS)

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) मुंबई ने बड़ी राहत दी है। 31 अक्टूबर 2025 को आए फैसले में ट्रिब्यूनल ने टैक्स डिपार्टमेंट के 4.11 करोड़ रुपये के अतिरिक्त डिसअलाउंस को रद्द कर दिया। यह मामला असेसमेंट ईयर 2022-23 से जुड़ा है, जहां सेक्शन 14A के तहत टैक्स-फ्री इनकम से जुड़े खर्चों पर विवाद था।

क्या है मामला

ऐश्वर्या ने AY 2022-23 के लिए 39.33 करोड़ रुपये की कुल आय घोषित की थी। उनके पास 31 मार्च 2021 तक 449 करोड़ रुपये के टैक्स-फ्री इनकम वाले निवेश थे, जिनसे 2.14 करोड़ रुपये का एग्जेम्प्ट इनकम (मुख्यतः डिविडेंड और टैक्स-फ्री ब्याज) आया। रिटर्न फाइलिंग के समय उन्होंने खुद से (सुओ-मोटो) 49.08 लाख रुपये का डिसअलाउंस कर लिया, दावा किया कि एग्जेम्प्ट इनकम कमाने पर कोई सीधा खर्च नहीं हुआ। लेकिन असेसिंग ऑफिसर (AO) ने इसे अपर्याप्त माना।

असेसिंग ऑफिसर की गणना

AO ने रूल 8D(2)(iii) के तहत औसत निवेश मूल्य (460 करोड़) का 1% यानी 4.60 करोड़ रुपये का डिसअलाउंस लगाया। इससे उनकी आय 43.44 करोड़ हो गई। ऑर्डर 16 मार्च 2024 को सेक्शन 143(3) के तहत फाइनल हुआ। असंतुष्ट ऐश्वर्या ने CIT(A) में अपील की, जहां 16 जून 2025 को अतिरिक्त डिसअलाउंस डिलीट हो गया।

31 अक्टूबर को आया फैसला

डिपार्टमेंट ने ITAT (ITA No.5403/MUM/2025) में अपील की। 29 अक्टूबर को सुनवाई के बाद 31 अक्टूबर को फैसला आया। ज्यूडिशियल मेंबर पावन सिंह और अकाउंटेंट मेंबर रेणु जौहरी की बेंच ने कहा, 'AO का अतिरिक्त डिसअलाउंस बिना आधार के है। केवल उन निवेशों पर विचार हो जो वास्तव में एग्जेम्प्ट इनकम देते हैं।' बेंच ने Vireet Investments Pvt Ltd केस का हवाला दिया, जहां स्पेशल बेंच ने यही रूलिंग दी। कुल खर्च 2.48 करोड़ होने के बावजूद AO का 4.60 करोड़ का आंकड़ा 'अविवेकपूर्ण' पाया गया।

क्या सेक्शन 14A का उद्देश्य

चार्टर्ड अकाउंटेंट (डॉ.) सुरेश सुराना ने बताया, "ITAT ने CIT(A) के ऑर्डर को बरकरार रखा। ऐश्वर्या का सुओ-मोटो डिसअलाउंस उचित था। AO ने सही संतुष्टि रिकॉर्ड नहीं की। यह रूलिंग टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण है। सेक्शन 14A का उद्देश्य टैक्स-फ्री इनकम पर खर्च को टैक्सेबल इनकम से एडजस्ट न करने देना है। यह फैसला टैक्स बेस की अखंडता बनाए रखने में मददगार साबित होगा।