बता दें कि गौतमबुद्ध नगर के आछेपुर गांव में यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी की ओर से 26 फरवरी 2009 को 81.9120 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। पर यह अधिग्रहण कानूनी पचड़े में फंस गया। अधिग्रहण पुराने कानून के आधार पर किया गया था, वीरसिंह व अन्य की ओर से 2010 में इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। इस याचिका पर बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर याचिका निस्तारित कर दिया। सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव लोचन मेहरोत्रा की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया।