
Amar Jawan Jyoti merged with National War Memorial flame
राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को इंडिया गेट पर पिछले 50 सालों से जल रही अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जल रही लौ में विलय कर दिया गया। आज दोपहर में अमर जवान ज्योति का एक हिस्सा लिया गया और उसे इंडिया गेट से 400 मीटर दूर स्थित नैशनल वॉर मेमोरियल में विलीन कर दिया गया। आज दोपहर करीब 3.54 बजे चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्ण ने अमर जवान ज्योति को नैशनल वॉर मेमोरियल की लौ में विलीन किया। पहले ये काम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल बिपिन रावत को करना था परंतु एक हेलिकाप्टर हादसे में उनका निधन हो गया। अभी भी सीडीएस का पद खाली है। ऐसे में उनके डिप्टी सीआईडीएस (CIDS) एयर मार्शल बीआर कृष्ण ने ये जिम्मेदारी निभाई है।
बता दें कि अमर जवान ज्योति की स्थापना उन भारतीय सैनिकों की याद में की गई थी जो 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस जंग में भारत की जीत हुई थी और बांग्लादेश की स्थापना हुई थी। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंडिया गांधी ने जनवरी 1972 को इसका उद्घाटन किया था।
गौर हो कि केंद्र सरकार के अमर जवान ज्योति के नैशनल वॉर मेमोरियल में विलय के निर्णय का विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो फिर से इसे स्थापित करने के संकेत भी अपने ट्वीट में दिया।
पूर्व सैनिक ने इस कदम को सराहा
वहीं, भारत के एक पूर्व सैनिक ले. जनरल शंक प्रसाद ने सरकार के इस निर्णय को सराहा है। उन्होंने कहा कि इसपर जानबूझकर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। इंडिया गेट पर जो था वो पर्मानेन्ट नहीं था। काफी पहले से वॉर मेमोरियल की मांग थी जो पूरी हो गई और आज अस्थाई तौर पर जल रही लौ को नैशनल वॉर मेमोरियल की लौ में विलय कर दिया गया है।
यह भी पढ़े - 'कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते', अमर जवान ज्योति के वॉर मेमोरियल में विलय पर राहुल गांधी
यह भी पढ़े - क्या सच में बुझा दी गई अमर जवान ज्योति? केंद्र सरकार ने दिया जवाब
Updated on:
21 Jan 2022 05:49 pm
Published on:
21 Jan 2022 05:42 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
