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AMCA: 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट निर्माण में TATA, L&T और भारत फोर्ज शामिल, सरकारी कंपनी HAL छूटी पीछे

पहली बार भारत के 5वीं पीढ़ी के AMCA स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट में टाटा, L&T और भारत फोर्ज जैसी निजी कंपनियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि HAL की भूमिका कम दिख रही है।

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भारत

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Ankit Sai

May 27, 2026

Fighter Jet

5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट AMCA (X-PHOTO)

AMCA: India Stealth Fighter Jet Project: भारत के 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर एयरक्राफ्ट AMCA प्रोजेक्ट में पहली बार निजी कंपनियों को इतनी बड़ी भूमिका मिलने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (Tata Advanced Systems), L&T–समूह और भारत फोर्ज-BEML समूह को चुना है। इस प्रक्रिया में सरकारी कंपनी HAL इसके पहले चरण की बोली में शामिल नहीं हुई है। यह पहली बार हो रहा है जब देश के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में निजी कंपनियों को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। अब तक फाइटर एयरक्राफ्ट निर्माण में HAL की भूमिका सबसे अहम रही है, लेकिन AMCA प्रोजेक्ट इसे बदलने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

किन कंपनियों को मिला मौका?

इन कंपनियों में टाटा को सबसे अनुभवी माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी पहले से Airbus के साथ मिलकर C-295 ट्रांसपोर्ट विमान की फाइनल असेंबली लाइन तैयार कर चुकी है। बाकी कंपनियां भी तेजस समेत कई विदेशी विमान कंपनियों के लिए पार्ट्स और स्ट्रक्चर बना चुकी हैं। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3 कंपनियों को चुना गया है। इनमें टाटा ग्रुप अकेले मैदान में उतरा है। वहीं भारत फोर्ज ने BEML और डेटा पैटर्न्स (Data Patterns (India) Ltd) के साथ मिलकर कंसोर्टियम बनाया है। दूसरी तरफ L&T ने BEL और डायनामैटिक्स टेक्नोलॉजीज (Dynamatics Technologies) के साथ साझेदारी की है।

ADA के पास रहेगा डिजाइन कंट्रोल

निर्माण का काम निजी कंपनियों को मिलेगा, लेकिन विमान के डिजाइन और तकनीकी संरचना का नियंत्रण ADA के पास ही रहेगा। चुनी गई कंपनी को विमान निर्माण, असेंबली, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्लाइट टेस्टिंग सपोर्ट की जिम्मेदारी संभालनी होगी। इस प्रोजेक्ट में सिर्फ विमान बनाना ही चुनौती नहीं है, बल्कि अलग-अलग सिस्टम और एवियोनिक्स को एक साथ जोड़ना भी बेहद मुश्किल काम माना जाता है।

2029 तक पहला मॉडल तैयार

AMCA का पहला मॉडल साल 2029 तक तैयार हो सकता है। शुरुआती मॉडल में अमेरिकी GE-F414 इंजन का इस्तेमाल होगा। बाद के मॉडल में ज्यादा ताकतवर इंजन लगाए जा सकते हैं। सरकार ने शुरुआती चरण के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया है। साल 2031 तक 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान तैयार किए जाएंगे और साल 2035 के आसपास भारतीय वायुसेना में इसकी एंट्री शुरू हो सकती है।

नई कंपनी बनाना होगा जरूरी

RFP के मुताबिक, जिस कंपनी की बोली चुनी जाएगी उसे तीन महीने के भीतर एक नई कंपनी बनानी होगी। इस नई कंपनी पर विदेशी नियंत्रण नहीं हो सकता और इसका स्वामित्व भारतीय नागरिकों के पास ही रहेगा। दस्तावेज में साफ कहा गया है कि कंपनी का CEO, CFO और COO जैसे बड़े पद भी भारतीय नागरिकों के पास होने चाहिए।

HAL को लेकर क्यों हो रही चर्चा

इस परियोजना में सरकारी कंपनी HAL शामिल नहीं किया गया। इसके बाद HAL के शेयरों में भी गिरावट देखी गई थी। जिसके बाद HAL ने कहा कि 'एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के संबंध में विभिन्न मीडिया रिपोर्टें HAL के संज्ञान में आई हैं। HAL को इस संबंध में कोई भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है, और इसलिए, वह इस चरण पर इन रिपोर्टों पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है। HAL सभी हितधारकों को सभी घटनाक्रमों से पूरी तरह अवगत कराने के लिए प्रतिबद्ध है।' कंपनी ने यह भी कहा कि 'उसके पास साल 2032 तक मजबूत ऑर्डर बुक और कई बड़े प्रोजेक्ट मौजूद हैं।'

क्यों खास है AMCA प्रोजेक्ट

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यह एक ट्विन इंजन वाला स्टेल्थ फाइटर होगा, जिसमें आधुनिक सेंसर फ्यूजन, AI आधारित सिस्टम, नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर और इंटरनल वेपन बे जैसी तकनीकें होंगी। इस विमान को ऐसे डिजाइन किया जा रहा है कि दुश्मन के रडार से बचते हुए यह किसी भी इलाकों में हमला कर सके। इसमें कम रडार सिग्नेचर, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और सुपरक्रूज क्षमता भी होगी।

रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव

AMCA प्रोजेक्ट को भारत के रक्षा उद्योग में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। अब तक निजी कंपनियां सिर्फ सप्लाई चेन और छोटे हिस्सों तक सीमित थीं, लेकिन अब उन्हें सीधे लड़ाकू विमान कार्यक्रम में मुख्य भूमिका दी जा रही है। इससे देश में फाइटर जेट निर्माण की दूसरी बड़ी असेंबली लाइन भी तैयार हो सकती है। फिलहाल तेजस फाइटर जेट का निर्माण HAL के तहत किया जा रहा है।