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‘राहुल गांधी और ममता बनर्जी माफी मांगें’, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BJP का तीखा हमला

BJP सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि मैं राहुल गांधी और ममता बनर्जी से लेकर उन सभी नेताओं से अपील करता हूं जिन्होंने SIR का विरोध किया था, आप सभी को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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mamata banerjee rahul gandhi

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BJP Leader Rahul Sinha Press Conference: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा किए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को बरकरार रखा गया है। शीर्ष कोर्ट के इस फैसले का भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने स्वागत किया है। विपक्षी दलों पर पश्चिम बंगाल में चुनाव में देरी करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

बीजेपी ने विपक्ष पर बोला हमला

मीडिया से बात करते हुए बीजेपी सांसद सिन्हा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनावों में देरी की उम्मीद में बार-बार सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि देखिए, तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनावों में देरी करने और फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में बनाए रखने की उम्मीद में बार-बार सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उनके साथ-साथ कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों ने उनका समर्थन किया।

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर का किया समर्थन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि इस फैसले ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आज क्या सामने आया? आज सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से यह पुष्टि कर दी है कि एसआईआर सही था। चुनाव आयोग एसआईआर पर जो काम कर रहा है, उसे जारी रखा जाना चाहिए।

राहुल गांधी और ममता बनर्जी को मांगनी चाहिए माफी

सिन्हा ने विपक्षी नेताओं को भी निशाना बनाते हुए कहा कि इसीलिए आज, राहुल गांधी से लेकर ममता बनर्जी तक, एसआईआर का विरोध करने वाले सभी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट की राय आने के बाद जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

सबसे पहले बिहार में किया गया था एसआईआर

यह घटना बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बरकरार रखने के बाद सामने आई है, जिसे सर्वप्रथम बिहार में किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह प्रक्रिया संवैधानिक और कानूनी रूप से मान्य है और इसे केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि यह मतदाता सूची पुनरीक्षण की सामान्य प्रक्रिया से भिन्न है।

जानें क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

सूर्यकांत और जॉयमाल्य बागची की पीठ ने फैसला सुनाया कि एसआईआर अभ्यास को केवल इस आधार पर 'अल्ट्रा वायर्स' घोषित नहीं किया जा सकता है कि यह वैधानिक ढांचे के तहत परिकल्पित मतदाता सूचियों के नियमित संशोधन से अलग प्रक्रिया अपनाता है। न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग की शक्तियां केवल मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता निर्धारित करने तक ही सीमित हैं और नागरिकता की स्थिति का पता लगाने तक विस्तारित नहीं होती हैं। न्यायालय ने कहा कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने से उसकी नागरिकता समाप्त नहीं हो जाती, क्योंकि नागरिकता का निर्धारण केवल कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है।

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