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Amit Shah : PM मोदी के लिए स्कूटर चलाने वाले अमित शाह कैसे बन गए देश के सबसे शक्तिशाली नेता, जानें 37 साल का सियासी सफर

Amit Shah Gandhinagar : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज सबसे लोकप्रिय नेता हैं। इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर अमित शाह को गांधीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है। शाह के सामने कांग्रेस की ओर से सोनल बेन पटेल मैदान में ताल ठोक रही है।

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Amit Shah Gandhinagar : देश की चर्चित लोकसभा सीटों में शुमार गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बीते तीन दशकों से भारतीय जनता पार्टी काबिज है। इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनाव मैदान में उतारा है। अमित शाह ने बीजेपी की पारंपरिक गांधीनगर लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर चुके है। बीजेपी के इतिहास पर गौर करें, तो पार्टी के कई राज्य स्तर के और राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेता इस सीट से चुनाव लड़ चुके और जीत दर्ज की हैं। गांधीनगर की सीट पर तीसरे चरण में 7 मई को मतदान होगा

मुंबई में हुआ जन्म, गुजरात में ली शिक्षा

अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर, 1964 को मुंबई में गुजराती माता-पिता कुसुमबेन और अनिलचंद्र शाह के घर हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के 16 साल अपने पैतृक गांव मनसा, गुजरात में पूरे किए। उसके बाद अपने परिवार के साथ अहमदाबाद चले गए। बचपन से ही देशभक्त और उत्साही पाठक, अमित शाह महान राष्ट्रवादियों की जीवनियों से प्रेरित थे।

16 साल की उम्र में संघ से जुड़े

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से प्रेरित होकर शाह 1980 में 16 साल की उम्र में एक स्वयंसेवक (स्वयंसेवक) के रूप में आरएसएस में शामिल हो गए। शाह ने संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की संगठनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेना शुरू कर दिया।

दो साल में बने एबीवीपी संयुक्त सचिव

विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता, संगठनात्मक क्षमता और वक्तृत्व कौशल के कारण, शाह को संगठन में शामिल होने के दो साल के भीतर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की गुजरात इकाई के संयुक्त सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया था।

1987 से शुरू हुई राजनीति यात्रा

अमित शाह ने अपनी राजनीति यात्रा 1987 में शुरू की जब वह भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) में शामिल हुए। उन्होंने भाजयुमो के विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। अमित शाह को 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

शाह इन दो सीटों पर बनाते गए रिकॉर्ड

अमित शाह ने 1997 में गुजरात के सरखेज विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा और भारी अंतर से जीत हासिल की। वह इस सीट से लगातार चार बार हर बार अधिक अंतर से जीतते रहे। उन्होंने पहला चुनाव 24,689 वोटों के अंतर से जीता जो अगले चुनाव में 5 गुना से अधिक बढ़कर 132,477 वोटों तक पहुंच गया। उन्होंने अपना तीसरा और चौथा कार्यकाल क्रमशः 288,327 (लगभग 12 बार) और 232,823 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीता।

63 हजार से ज्यादा अंतर से जीते नारणपुरा सीट

इसके बाद शाह की नई विधानसभा सीट नारणपुरा थी जिसमें उनकी पिछली विधानसभा सरखेज की तुलना में मतदाताओं की संख्या सिर्फ एक चौथाई थी। हालांकि, फिर भी उन्होंने 63,235 वोटों के भारी अंतर से चुनाव जीता। महज 50 लाख रुपए की विधायक अनुदान राशि के साथ विधायक होने के बावजूद, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करने के लिए एयूडीए, राज्य सरकार और अन्य स्रोतों से हजारों करोड़ रुपए जुटाए।

34 साल में बने गुजरात भाजपा राज्य सचिव

उनकी संगठनात्मक क्षमता को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पहचाना और 34 वर्ष की अपेक्षाकृत कम उम्र में शाह को वर्ष 1998 में भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। एक साल बाद 1999 में शाह को भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

राष्ट्रीय संयोजक, सहकारी विंग, भाजपा

2001 में अमित शाह को बीजेपी के सहकारी विंग के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में नियुक्त किया गया था। इस अवधि में उनकी प्रभावशाली डिलीवरी और सिद्ध पिछले ट्रैक रिकॉर्ड के कारण, सहकर्मियों ने उनके सम्मान में 'सहकारी आंदोलन के पितामह' का वाक्यांश गढ़ा।

स्कूटर चलाते अमित शाह, पीछे बैठते नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह आज सबसे लोकप्रिय नेता हैं। इन दोनों दिग्गज नेताओं के बारे में एक दिलचस्प किस्सा है। साल 1987 में नरेंद्र मोदी पहली बार अपनी पहचान बना पाए थे। ऐसा कहा जाता है कि अहमदाबाद में म्युनिसिपल इलेक्शन हो रहा था। उस समय मोदी गुजरात में बीजेपी के महासचिव बनाए गए थे। तब अमित शाह अहमदाबाद सिटी के सचिव थे। ऐसा कहा जाता है कि इसी चुनाव में मोदी-शाह की पहली बार मुलाकात हुई थी। वह हर गली, नुक्कड़ पर लगे बीजेपी उम्मीदवार के पोस्टर को चेक करते थे। उस समय अमित शाह स्कूलटर चलते थे और मोदी पीछे बैठते थे।

2002 में पहली बार बने गुजरात सरकार में मंत्री

अमित शाह ने 2002 में पहली बार गुजरात सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें गृह, यातायात, निषेध, संसदीय कार्य, कानून और उत्पाद शुल्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार दिया गया। गुजरात के गृह मंत्री के रूप में उनके काम की बहुत सराहना की गई क्योंकि उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई और कोई सांप्रदायिक संघर्ष की सूचना नहीं मिली। इसके बाद 2009 में शाह को अहमदाबाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और गुजरात राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

फर्जी मुठभेड़ मामला

राजनीतिक द्वेष के कारण अमित शाह को 2010 में एक फर्जी मुठभेड़ मामले में जेल भेज दिया गया था। विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से इस आधार पर बरी कर दिया कि सभी आरोप राजनीति से प्रेरित थे।

2024 में बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव बने

अमित शाह की राजनीतिक कुशलता और कार्यकुशलता को पहचानते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया। उन्हें राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा गया, जो लोकसभा में 80 सांसद भेजता है। शाह के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से रिकॉर्ड 73 सीटें जीतीं। 49 साल की उम्र में अमित शाह पार्टी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने।

गुजरात राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बने

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमित शाह को गुजरात राज्य क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके प्रयासों से जीसीए ने मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम का पुनर्निर्माण शुरू किया, जिसे अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम के नाम से जाना जाता है और इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्टेडियमों में से एक माना जाता है।

2019 में पहुंचे लोकसभा

शाह ने 2019 में गुजरात की प्रतिष्ठित गांधीनगर से लोकसभा चुनाव लड़कर संसद में प्रवेश करने का विकल्प चुना। शाह ने रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने कुल पड़े 70 प्रतिशत वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस पार्टी को 5 लाख 57 हजार वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया। उन्होंने 17 जून, 2019 को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।

2019 में बने केंद्रीय मंत्री

अमित शाह ने 30 मई, 2019 को मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली। 1 जून, 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जुलाई 2021 को सहकारिता मंत्रालय का गठन किया तो अमित शाह को इसका प्रभार दिया गया।

2019 में मिली थी शानदार जीत

2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को गांधीनगर सीट से 8 लाख 90 हजार से ज्यादा वोट मिले। 2019 चुनाव में उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के डॉ. सीजे चावड़ा को करीब 3 लाख वोट मिले थे। अमित शाह ने 5 लाख 50 हजार से भी अधिक वोटों के अंतर से चुनाव जीता।

आडवाणी भी छह बार जीते चुके यह सीट

गांधीनगर सीट पर अमित शाह से पहले बीजेपी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी का कब्जा था। आडवाणी इस सीट से 6 बार चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने पहली बार 1991 में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद से पांच बार से इस लोकसभा सीट पर जीत हासिल करते आ रहे थे।

गुजरात में तीसरे चरण में मतदान

गुजरात में लोकसभा की सभी 26 सीटों के लिए एक ही दिन मतदान कराया जाएगा। गुजरात की सभी सीटों पर तीसरे चरण में 7 मई को वोटिंग होगी। देश की सभी 543 लोकसभा सीटों के नतीजे 4 जून को जारी किए जाएंगे।

कांग्रेस ने सोनल बेन पटेल को बनाया उम्मीदवार

अमित शाह का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने गांधीनगर सीट से सोनल बेन पटेल को उतारा है। सोनल आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव है। उनके पास मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र की कांग्रेस सह प्रभारी की जिम्मेदारी भी है। वह पेशे से आर्किटेक्ट है।