भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की धुरी आर्थिक से ज्यादा रणनीतिक है। फ्रांस 1970 के दशक से ही ऊर्जा, एयरोस्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में भारत का सहयोग कर रहा है। अमरीका ने जब भारत को परमाणु परीक्षण के लिए जरूरी सप्लाई से इनकार कर दिया था, तब फ्रांस की मदद से ही भारत ने 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किया था।
भारत की आजादी के बाद चार दशक तक यूरोप में ब्रिटेन को भारत का सबसे करीबी साझेदार माना जाता रहा, लेकिन पिछले तीन दशक में विचारों और आपसी हितों के स्तर पर करीब आने से फ्रांस यूरोप में भारत का सबसे मजबूत साझेदार बनकर उभरा है। रूस के बाद अब वह भारत का सबसे बड़ा दोस्त भी है। दोनों देशों के आपसी रिश्तों को सबसे ज्यादा मजबूती 1998 के रणनीतिक साझेदारी समझौते ने दी। भारत ने इस समझौते के बाद उसी साल राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। कई पश्चिमी देशों ने इसको लेकर भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए। फ्रांस इन देशों में शामिल नहीं हुआ। उल्टे उसने प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटाने के लिए भारत के प्रयासों का समर्थन किया।
भारत को एयरक्राफ्ट और सबमरीन समेत कई रक्षा उत्पाद बेचने वाले दूसरा देश
फ्रांस पिछले 26 साल में भारत को एयरक्राफ्ट और सबमरीन समेत कई रक्षा उत्पाद बेचने वाले दूसरे सबसे बड़े देश के तौर पर उभरा है। भारत और फ्रांस बहुध्रुवीय दुनिया के समर्थक हैं। पारंपरिक तौर पर दोनों रूस और अमरीका के बीच संतुलन बनाकर चलते हैं। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती महत्त्वाकांक्षा भी दोनों को करीब ला रही है। भारत लंबे समय तक अहम गुटनिरपेक्ष देश रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह बहुपक्षीय कूटनीति अपना रहा है। इसके जरिए भारत अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता पर जोर दे रहा है। इसमें फ्रांस भी उसका समर्थन कर रहा है।
भारत बना जियोपॉलिटिकल ताकत
अपने नौ साल के शासन काल में मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी जियोपॉलिटिकल ताकत के तौर पर भारत की मौजूदगी सुनिश्चित कर दी है। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में मोदी ने पश्चिमी देशों के राष्ट्रपतियों और ग्लोबल साउथ के नेताओं के बीच खुद को अहम पार्टनर के तौर पर स्थापित कर लिया है। ऐसा पार्टनर, जो रूस, जापान और सऊदी अरब से समान स्तर पर बातचीत कर सकता है। इसलिए भी इमानुएल मैक्रों भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
पहले परमाणु परीक्षण में की थी मदद
भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की धुरी आर्थिक से ज्यादा रणनीतिक है। फ्रांस 1970 के दशक से ही ऊर्जा, एयरोस्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में भारत का सहयोग कर रहा है। अमरीका ने जब भारत को परमाणु परीक्षण के लिए जरूरी सप्लाई से इनकार कर दिया था, तब फ्रांस की मदद से ही भारत ने 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किया था।
ये हैं टॉप-5
भारत में फ्रांस की कंपनियां
1. इंजी-सोलर कंपनी
भारत के सोलर एनर्जी सेगमेंट की सबसे बड़ी विदेशी निवेशक। देश में 800 मेगावाट के सोलर प्रोजेक्ट और 280 मेगावाट का विंड पावर प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और तमिलनाडु में।
2. पीएसए ग्रुप: व्हिकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी
कंपनी ने सीके बिरला ग्रुप के साथ तमिलनाडु मे पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की है। पांच फीसदी आउटसोर्सिंग भारत से।
3. रेनो: ऑटोमोबाइल कंपनी
भारत में कारों की मैन्युफैक्चरिंग कर रही। चेन्नई में कंपनी का प्रोडक्शन यूनिट तो मुंबई में डिजाइन स्टूडियो।
4. स्नाइडक इलेक्ट्रिक
कंपनी की भारत में 28 फैक्ट्री, जिसमें इलेक्ट्रिक उपकरणों का होता है उत्पादन।
5. साफरान: एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर
हैदराबाद और बेंगलूरु में कंपनी की 3 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स। एचएएल के साथ ज्वाइंट वेंचर।
फ्रांस में भारत की कंपनियां
1.महिंद्रा एंड महिंद्रा:
टेक महिंद्रा ने एयरोस्पेस सेक्टर में अपने प्रोजेक्ट के लिए टूलूज में एक डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया। 500 फ्रांसीसी को मिला है रोजगार।
2.टाटा ग्रुप:
टाटा कम्युनिकेशन, टीसीएस, टाटा एलेक्सी और टाटा स्टील जैसी कंपनियां फ्रांस में कर रहीं ऑपरेट। 1500 लोगों को दी है नौकरी।
3. मदरसन सुमी:
फ्रांस में कंपनी के कई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं जो वाहनों के कल-पुर्जे बनाते हैं। रेनो, पीएसए, फॉक्सवैगन, जनरल मोटर्स हैं इसके ग्राहक।
4. सिंटेक्स
कंपनी प्लास्टिक वाटर टैंक आदि बनाती है। फ्रांस में 74 करोड़ डॉलर मिलता है राजस्व।
5. एनटीपीसी
फ्रांसीसी एनर्जी कंपनी ईडीएफ के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट के देशों, यूरोप और अफ्रीका में पावर प्रोजेक्ट डेवलपमेंट का काम करती है।
फ्रांस से इन चीजों का आयात
प्लेन, हेलीकॉप्टर, एयरक्राफ्ट उपकरण, एलएनजी, नेविगेशन इक्विपमेंट, टर्बो जेट्स और टर्बाइन।
फ्रांस को ये चीजें निर्यात
डीजल, एटीएफ, अपैरल, फुटवियर, स्मार्टफोन, गोल्ड ज्वैलरी, एयरोप्लेन पार्ट्स, दवाइयां और केमिकल्स।
दोस्ती के बढ़ते कदम
1- समर ओलंपिक खेलों का आयोजन 26 जुलाई से 11 अगस्त तक पेरिस (फ्रांस) में होगा।
2- फ्रांस से बफे सिस्टम की शुरुआत हुई जो अब भारत के कोने कोने तक पहुंच गयी है।
3- भारतीय मूल की लीना नायर फ्रांस के लग्जरी ग्रुप शनैल की सीईओ हैं।
4- योग फ्रांस में यह काफी पॉपुलर हो गया है। इसे स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
5- राजस्थानी लोकगायक मामे खान फ्रांस में 75वें कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुए।
6- छत्तीसगढ़ के महुए से फ्रांस के युवा उद्यमियों ने माहा ब्रांड की शराब बनाई है।
7- एयर इंडिया ने फ्रांसीसी कंपनी एयरबस से 210 विमान खरीदने के सौदे पर हस्ताक्षर किया है।
रक्षा क्षेत्र में काफी संभावनाएं
1- वायुसेना ने मंगलवार को अरब सागर के ऊपर भारतीय क्षेत्र में फ्रांस व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की वायुसेनाओं के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास किया।
2- वर्ष 2021 में भारत-फ्रांस के मध्य विशेष युद्धाभ्यास डेजर्ट नाइट-21 जोधपुर में हुआ।
3- भारत और फ्रांस के मध्य 2019 में रफाल खरीद समझौते के अंतर्गत सबसे पहला विमान जोधपुर एयरबेस पहुंचा था और यहां पर ही उनकी फ्लाइंग स्किल का परीक्षण हुआ।
4- भारी मशीनरी व मालवाहक क्षेत्र में भारत और फ्रांस भारतीय मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) कार्यक्रम के तहत मिलकर काम कर रहे हैं। इसके तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और फ्रांस की कम्पनी सफ्रान हेलीकॉप्टर इंजन के मध्य एमओयू है।
5- मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत भारतीय नौ सेना के लिए फ्रांस पी-75 कार्यक्रम के तहत स्कॉर्पिन श्रेणी की पनडुब्बी बना रहा है।
6- भारत का गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) और फ्रैंच नेवल ग्रुप नौसेना में नई तकनीक को लेकर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
7- दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को लेकर भारत का पेरिस स्थित दूतावास में डीआरडीओ का तकनीकी कार्यालय स्थापित है।