
जदयू विधायक अनंत सिंह (फोटो- IANS X वीडियो ग्रैब )
JDU MLA Anant Singh: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जनता दल (यूनाइटेड) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच महागठबंधन के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने अनंत सिंह के समर्थन में उतरते हुए उन्हें खुला ऑफर दिया है। विधायक ने कहा कि हम दोनों में एक ही क्वालिटी है। वहीं, जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा करने की बात कही है। अगर उनकी विधायकी रद्द होती है, तो मोकामा सीट पर उपचुनाव हो सकता है।
बिहार में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। पार्टी ने उन पर निर्देशों की अनदेखी करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा बोलने और विधान परिषद चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगाया है। इस बीच महागठबंधन के विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने अनंत सिंह को साथ आने का खुला ऑफर देते हुए कहा कि हम दोनों में एक ही क्वालिटी है।
जेडीयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से सिफारिश करने की बात कही है। इसके लिए संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया गया है। अगर उनकी विधायकी रद्द होती है, तो मोकामा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो सकता है।
RJD प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि अनंत सिंह की पार्टी में वापसी को लेकर न तो कोई चर्चा हुई है और न ही आगे होगी। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह पहले RJD में थे, लेकिन अब JDU में हैं, इसलिए यह उनका मामला है। वहीं, पार्टी ने शिक्षक और स्नातक सीटों के सातों उम्मीदवारों के साथ मतगणना को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने पर भी चर्चा की।
RJD के MLC सुनील सिंह ने अनंत सिंह को JDU से निकाले जाने पर कहा कि यह पार्टी के अनुशासन से जुड़ा अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल की अपनी विचारधारा और काम करने का तरीका होता है, इसलिए RJD इस मामले में कोई राय नहीं देना चाहती। उन्होंने साफ किया कि अनंत सिंह के निष्कासन पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह पूरी तरह JDU का आंतरिक मामला है।
JDU प्रवक्ता चंदन सिंह ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी को छह साल के लिए पार्टी से निकाले जाने पर कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) अनुशासन के लिए जानी जाती है। उन्होंने बताया कि नीरज कुमार पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार थे, जबकि अनंत सिंह लगातार पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे। इसी वजह से पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
पूर्व MLC वाल्मीकि सिंह ने अनंत सिंह को JDU से छह साल के लिए निकाले जाने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और निशांत कुमार के साथ पार्टी को आगे बढ़ाने की बात करते हैं। वाल्मीकि सिंह का आरोप है कि पार्टी के चार-पांच नेता निशांत को किनारे कर नीतीश कुमार के बाद पार्टी पर अपना नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का समर्थन करने वाले नेताओं को धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है। अनंत सिंह मेहनती कार्यकर्ता हैं और उन्हें पार्टी से निकालने का मतलब यह नहीं कि जनता ने भी उन्हें नकार दिया है।
Updated on:
25 Oct 2026, 10:01 AM IST
Published on:
25 Oct 2026, 8:12 AM IST
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