
फोटो में अदाणी-अंबानी और देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत (सोर्स: विकिपीडिया)
Supreme Court Warning: देश के चीफ जस्टिस (सीजेआइ) सूर्यकांत सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अदाणी-अंबानी और पक्षपात के संदर्भ पर भड़क गए और चर्चित अधिवक्ता मैथ्यूज नेदुम्पारा को जोरदार फटकार लगाकर चेतावनी दी कि उनके व्यवहार पर कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल सीजेआइ की अदालत में मुकदमों की सुनवाई से पहले उल्लेख सत्र (जल्दी सुनवाई सहित अन्य आग्रह) के दौरान अधिवक्ता नेदुमपारा ने जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली को चुनौती देने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) की बहाली की मांग वाली याचिका का जिक्र किया।
सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा कि रजिस्ट्री में ऐसी कोई याचिका लंबित नहीं है। इस पर नेदुम्पारा ने कहा कि अदाणी और अंबानी के लिए संविधान पीठें बनाई जा रही हैं और आम आदमी को प्रभावित करने वाले मामलों की सुनवाई नहीं हो रही। नेदुम्पारा की इस टिप्पणी पर सीजेआइ भड़क गए।
सीजेआइ ने कहा कि उनकी अदालत में बदतमीजी नहीं चलेगी। उन्होंने नेदुम्पारा को कहा कि मेरी अदालत में जो कुछ भी प्रस्तुत करें, उसके प्रति सावधान रहें। आपने मुझे चंडीगढ़ में देखा है, दिल्ली में देखा है… मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, सावधान रहें। यह न सोचें कि आप कोर्ट की अन्य बेंचों के साथ जैसा दुर्व्यवहार करते आ रहे हैं, वैसा ही यहां भी कर पाएंगे। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, कड़ी कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने पहले ही नेदुम्पारा की याचिका को यह कहते हुए दर्ज करने से इनकार कर दिया था कि एनजेएसी के मुद्दे पर पहले ही कोर्ट की बड़ी बेंच द्वारा फैसला किया जा चुका है। इसलिए इसी मुद्दे पर नई याचिका दर्ज कर सुनवाई योग्य नहीं है। वकील नेदुम्पारा को पिछले साल भी तत्कालीन सीजेआइ संजीव खन्ना ने इसी मुद्दे पर फटकार लगाते हुए कहा था कि अदालत में राजनीतिक भाषण न दें।
Published on:
24 Feb 2026 05:44 am
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