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रांची से दिल्ली जा रही एयर एबुलेंस मामले में आया बड़ा अपडेट, बताया किस कारण हुई दुर्घटना

Jharkhand plane crash: डीजीसीए के बयान के मुताबिक, विमान ने कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति मांगी थी।

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रांची

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Ashib Khan

Feb 24, 2026

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झारखंड में एयर एबुलेंस हुई क्रैश (Photo-IANS)

Air ambulance crash: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात बड़ा विमान हादसा हो गया। रांची से नई दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई, जिसमें मरीज समेत सभी सात लोगों की मौत हो गई। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान 41 वर्षीय संजय कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें 63 प्रतिशत जलने की गंभीर चोटों के कारण इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि उनके साथ डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, दो सहयोगी अर्चना देवी और धुरु कुमार तथा दो पायलट विवेक विकास भगत और सवराजदीप सिंह सवार थे।

रूट बदलने की मांगी थी अनुमति-DGCA

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट C90 (VT-AJV) विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी।

डीजीसीए के बयान के मुताबिक, विमान ने कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। शाम 7:34 बजे विमान का कोलकाता से संपर्क और रडार दोनों टूट गया। 

बताया गया कि वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में विमान रडार से ओझल हो गया। इसके बाद विमान का संपर्क वाराणसी या लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से भी नहीं हो सका।

खराब मौसम हो सकता है हादसे की वजह

वाराणसी रडार की रिप्ले जांच में अंतिम संपर्क शाम 7:22 बजे दर्ज किया गया। रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने आशंका जताई है कि खराब मौसम हादसे की वजह हो सकता है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा।

फिर उठे सवाल

बता दे कि यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब चार्टर्ड जेट ऑपरेटरों और उन्हें नियंत्रित करने वाले नियामकीय ढांचे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, इससे पहले 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में लियरजेट 45 विमान हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी शामिल थे। इस घटना के बाद स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई थी।

डीजीसीए ने सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों का विशेष ऑडिट कराने की घोषणा की थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं, बारामती हादसे में शामिल ऑपरेटर VSR वेंचर्स की जांच रिपोर्ट भी जारी नहीं हुई है।

फिलहाल चतरा विमान हादसे की जांच जारी है और हादसे के कारणों को लेकर कई सवालों के जवाब आना बाकी है।

रेडबर्ड एयरवेज के बारे में

रेडबर्ड एयरवेज की स्थापना अक्षय कुमार ने वर्ष 2018 में की थी। कंपनी को अगस्त 2019 में नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स (चार्टर और एयर एंबुलेंस) संचालन की अनुमति मिली थी।

कंपनी अपनी वेबसाइट पर दावा करती है कि वह 24 घंटे एयर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराती है। विमानों में अत्याधुनिक लाइफ-सेविंग उपकरण, डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की सुविधा दी जाती है।