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पटियाला हाउस स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में सात विदेशी नागरिकों की एनआईए हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ा दी है। इन आरोपितों में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि सभी आरोपितों को आगामी 6 अप्रैल को फिर से पेश किया जाए। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये सभी विदेशी नागरिक भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति गुवाहाटी के प्रतिबंधित क्षेत्रों से होकर मिजोरम तक यात्रा की। इसके बाद वे अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार पहुंच गए। एनआईए का आरोप है कि म्यांमार में इन लोगों ने एथनिक आर्म्ड ऑर्गनाइजेशन्स (ईएओ) को सैन्य प्रशिक्षण भी दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि ये विदेशी नागरिक म्यांमार के रास्ते भारत के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को हथियारों की आपूर्ति और सैन्य प्रशिक्षण देने में शामिल थे। एनआईए का मानना है कि यह गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना और जांच एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दी। फिलहाल एनआईए आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। इसी मामले में कोर्ट का फैसला आया है।
फ्रांस में आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पूरी दुनिया की निगाहें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव पर केंद्रित हैं। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ उनकी चर्चा “उपयोगी और सार्थक” रही। उन्होंने इस दौरान वैश्विक हालात, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितताओं पर चिंता व्यक्त की।
Published on:
28 Mar 2026 03:48 am
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