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अरावली… उन्नाव… अचानक सरकार के खिलाफ क्यों हो गए Arnab? खुद बताई इसके पीछे की सच्चाई

Arnab Goswami government questions: पिछले कुछ दिनों से अर्नब गोस्वामी सरकार से तीखे सवाल पूछ रहे हैं। अरावली से लेकर उन्नाव कांड तक, उन्होंने जिस तरह सरकार पर सवाल दागे उससे सभी प्रभावित हैं।

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Republic tv

अर्नब गोस्वामी का कहना है कि सवाल उठाना गलत नहीं है। (PC: AI)

Arnab Goswami Republic TV news: रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी पिछले कुछ समय से सरकार के प्रति काफी तल्ख नजर आ रहे हैं। अरावली का मुद्दा हो या उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सेंगर का, अर्नब के तीखे सवालों का शोर हर तरफ है। आमतौर पर माना जाता रहा है कि अर्नब सरकार को कटघरे में खड़ा करने से बचते हैं। खासकर, विपक्ष उन्हें सरकार समर्थित करार देता आया है। ऐसे में अचानक से अर्नब गोस्वामी का सत्ता पक्ष से चुभने वाले सवाल करना, सभी को हैरान कर रहा है। अब अर्नब ने खुद इसकी वजह भी बात दी है।

पत्रकारिता का मकसद होना चाहिए

रिपब्लिक टीवी पर दर्शकों के साथ एक लाइव AMA (Ask Me Anything) में अर्नब गोस्वामी से पूछा गया कि अचानक सरकार विरोधी रुख की वजह क्या है? मुंबई के X यूजर दिलीप के इस सवाल पर अर्नब ने कहा कि बात समर्थन या विरोध की नहीं है, बात देश की है। उन्होंने कहा - इसे सरकार समर्थक या सरकार विरोधी के तौर पर देखना पूरी तरह गलत है। असल बात यह है कि जब तक आप कैंपेन नहीं करेंगे, यह देश नहीं बदलेगा। अगर आप आवाज नहीं उठाएंगे, तो आपकी बात सुनी नहीं जाएगी। पत्रकारिता का कोई मकसद होना चाहिए। हम चाहते हैं कि देश के लोग सशक्त बनें।

Aravalli पर सही और गलत बताया

अर्नब ने अरावली के मुद्दे पर अपने रुख के बारे में कहा कि अरावली मामले में जो हुआ वह गलत था। इसमें कोई सरकार या किसी पार्टी के पक्ष या विपक्ष में नहीं था। इसमें सिर्फ सही और गलत है… सिर्फ सही और गलत। मुझे लगा कि इस मामले में 20 दिसंबर का अदालत का आदेश गलत था। इसलिए सुप्रीम कोर्ट को अपने ही आदेश पर रोक लगानी पड़ी। हालांकि, अभी वह आदेश रद्द नहीं हुआ है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे इसे गलत कहने से कौन नाराज होता है। गलत को गलत ही कहा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी यह महसूस किया है कि वो आदेश गलत था। अर्नब ने कहा कि हमें इसका कोई क्रेडिट नहीं चाहिए। मैं नहीं चाहता कि सुप्रीम कोर्ट, सरकार या कोई भी रिपब्लिक को क्रेडिट दे कि हम सही हैं।

सवाल उठाना किसी का विरोध नहीं

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ ने कहा कि कुलदीप सेंगर मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले, केंद्र की कमेटी की सिफारिशों के आधार पर अरावली पहाड़ियों की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश या फिर इंडिगो के मुद्दे पर सवाल उठाना सरकार विरोधी नहीं, बल्कि यह जनता के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि इसी तरह विपक्ष से सवाल पूछने को विपक्ष के पक्ष में या उसके खिलाफ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह देश के लोगों के साथ हैं और उन्हें 1000% यकीन है कि सरकार लोगों की बात सुनेगी।