
E20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा (ANI)
Arvind Kejriwal Press Conference: E20 पेट्रोल को लेकर देश में बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वाहन चालकों को E20, E10 और E0 जैसे अलग-अलग ईंधन विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि लोग अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार ईंधन का चुनाव कर सकें।
केजरीवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जनता की चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए E20 ईंधन को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को उपभोक्ताओं को विकल्प देने चाहिए और पेट्रोल पंपों पर E20, E10 और बिना एथेनॉल मिश्रण वाले E0 पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार E20 पेट्रोल को लेकर जनता को लगातार भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है, जबकि कई लोग इसके प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, जनता में इसका विरोध है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार अपने फैसले पर कायम है। सरकार को लोगों की चिंताओं को सुनना चाहिए और उन्हें ईंधन चुनने की आजादी देनी चाहिए। AAP प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से E20 ईंधन को लेकर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
केजरीवाल ने दावा किया कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने छह प्रमुख वाहन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कंपनियों से जनता को यह भरोसा दिलाने के लिए कहा गया कि E20 ईंधन वाहनों के लिए सुरक्षित है। उन्होंने जिन कंपनियों का नाम लिया, उनमें Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar Motor, Hero MotoCorp, Hyundai Motor India, Bajaj Auto और TVS Motor Company शामिल हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर E20 ईंधन के कारण वाहनों की माइलेज कम होती है या किसी तरह की तकनीकी समस्या आती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
AAP संयोजक ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि जनता को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा, पेट्रोल पंपों पर E20, E10 और E0 पेट्रोल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि लोग अपनी जरूरत, वाहन की क्षमता और आर्थिक स्थिति के अनुसार फैसला ले सकें।
वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 पेट्रोल को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि E20 ईंधन को लेकर इंजन खराब होने, कीड़े आकर्षित होने या अन्य नुकसान जैसी बातें केवल अफवाहें हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लें और भ्रामक जानकारियों से बचें।
केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। वाहन निर्माताओं और शोध संस्थानों के साथ किए गए परीक्षणों के बाद देशभर में E20 पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। सरकार का कहना है कि नए वाहन E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं और यह नीति देश की ऊर्जा सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने का विकल्प मिलेगा या देश में E20 ही एकमात्र विकल्प बनेगा।
Updated on:
07 Jul 2026 01:24 pm
Published on:
07 Jul 2026 12:22 pm
