
AIMIM chief Asaduddin Owaisi (Photo/ANI)
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये संगठन भारत को ‘धार्मिक राष्ट्र’ बनाने की ओर ले जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्’ के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। MHA के ये दिशा-निर्देश वन्दे मातरम् की रचना की 150वीं वर्षगांठ के जश्न के समय आए हैं।
ANI से बातचीत में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "इसको वफादारी की कसौटी नहीं बनाना चाहिए… जिस तरह BJP और RSS राष्ट्र को आगे बढ़ा रहे हैं, इससे यह धार्मिक राष्ट्र बन जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि संविधान की शुरुआत “हम जनता” से होती है, न कि “भारत माता की जय” जैसे नारे से।
उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए बताया कि धर्म की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार हर नागरिक को प्राप्त है और किसी को भी ‘वफादारी का प्रमाण पत्र’ लेने की आवश्यकता नहीं है। हमारा संविधान ‘हम जनता’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ से…अनुच्छेद 25 धर्म की स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है…क्या वे राष्ट्रीय गान खत्म करना चाहते हैं?…मेरे धर्म की स्वतंत्रता का क्या?…हमें किसी वफादारी का प्रमाण पत्र नहीं चाहिए।"
ओवैसी ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि जस्टिस कपूर आयोग ने सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या में साजिशकर्ता बताया था। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सावरकर को भारत रत्न देने से पुरस्कार की प्रतिष्ठा बढ़ने का सुझाव दिया था। ओवैसी ने कहा,"जस्टिस कपूर आयोग महात्मा गांधी की हत्या के बाद गठित हुआ था और उसने कहा कि वीर सावरकर इस हत्या में साजिशकर्ता है…अगर वे चाहें तो नथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दे सकते हैं।"
Updated on:
16 Feb 2026, 3:18 PM IST
Published on:
14 Feb 2026, 2:00 PM IST
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