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नाबालिग बच्चों का ‘पाक कनेक्शन’ विवाद में आया नाम तो कांग्रेस सांसद का छलका दर्द, बोले- ‘हमने कभी भी ऐसा…’

असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई एवं उनके परिवार पर भाजपा व सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने गंभीर आरोप लगाए, जिससे असम की राजनीति में भूचाल मच गया। गोगोई ने सोमवार को हिमंता की कड़ी आलोचना की और कहा कि उन्होंने उनके नाबालिग बच्चों को भी राजनीतिक विवाद में अनुचित रूप से घसीटा है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 09, 2026

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई। (फोटो- IANS)

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई और उनके परिवार पर भाजपा और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने गंभीर आरोप लगाया है। ताजा बयानबाजी और आरोपों से असम की राजनीति में सियासी भूचाल आ गया है।

आरोपों को लेकर गोगोई ने सोमवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की कड़ी आलोचना की है, जिन्होंने कथित तौर पर उनके नाबालिग बच्चों को राजनीतिक विवाद में घसीटा है।

राजनीतिक शिष्टाचार की सभी हदें पार- गोगोई

गोगोई ने सीएम सरमा के इस कदम को अस्वीकार्य और राजनीतिक शिष्टाचार की सभी हदें पार करने वाला बताया है। गोगोई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई सख्ती से नेताओं के बीच लड़ी जानी चाहिए और इसमें बच्चों को कभी भी शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने अपने पांच साल और नौ साल के बच्चों के बारे में की गई टिप्पणियों पर दुख व्यक्त किया और कहा कि ऐसी बातों की सार्वजनिक चर्चा में कोई जगह नहीं है।

मेरे बच्चों को निशाना बनाने पर चुप नहीं रहूंगा- गोगोई

गोगोई ने कहा- मैं अपने ऊपर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत हमले का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन अगर मेरे बच्चों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं या आम नागरिकों को निशाना बनाया जाता है तो मैं चुप नहीं रहूंगा।

इसके साथ, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी हरकतें जारी रहीं तो वह इस मुद्दे को आखिर तक ले जाएंगे। गौरव गोगोई ने सीएम सरमा को व्यक्तिगत मामलों को और आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी।

हम भी हिमंता के परिवार के बारे में जानते हैं- गोगोई

गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके बच्चों से संबंधित जानकारी का खुलासा करने की हद पार कर दी है। हम उनके परिवार के बारे में भी जानते हैं। हर कोई जानता है। लेकिन, हमने कभी भी ऐसा व्यवहार नहीं किया है। इन टिप्पणियों से असम को शर्मिंदगी हुई है।

गोगोई ने आरोप लगाया कि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। यह मुद्दा इतना गंभीर है कि सुप्रीम कोर्ट का ध्यान आकर्षित करने लायक है और सुझाव दिया कि शीर्ष अदालत को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

मुझे जवाब देने के लिए मजबूर ना करें- गोगोई

गोगोई ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा- मुझे ऐसी स्थिति में मजबूर न करें, जहां मुझे जवाब देना पड़े। अपने परिवार के बारे में बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पत्नी एक स्वतंत्र महिला हैं और अपने बच्चों की देखभाल करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

एक व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए गोगोई ने कहा कि उनका पालन-पोषण ज्यादातर उनकी मां ने किया है और उनके बच्चों का पालन-पोषण भी इसी तरह से हो रहा है। जब वे 18 साल के हो जाएंगे, तो वे अपने फैसले खुद लेंगे।

राजनीतिक नाटक के लिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं- गोगोई

गोगोई ने यह भी कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक नाटक के लिए नहीं बल्कि मीडिया और असम के लोगों की गरिमा बनाए रखने के लिए थी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को राजनीतिक हमलों में घसीटने से राज्य को शर्मिंदा किया गया है और यह मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अशोभनीय है। मैं असम के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए राजनीति में हूं। लोगों को फैसला करने दीजिए।

गौरव गोगोई और उनके परिवार पर क्या है आरोप?

असम सीएम का आरोप है कि गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई ने पाकिस्तान के एक एनजीओ में काम किया है। जिसने एलिजाबेथ का बाद में भारत में ट्रांसफर कर दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौरव गोगोई की पत्नी को पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा वेतन दिया जाता था। जो पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा है। सीएम हिमंता ने यह भी आरोप लगाया कि गौरव गोगोई के बच्चे भी 'पाक कनेक्शन' से कुछ हद तक प्रभावित हो सकते हैं।