
असम चुनाव में BSF का बड़ा कदम (X)
Assam Assembly Election 2026: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से सटे असम के श्रीभूमि जिले में गुरुवार को मतदान के दौरान एक अनोखी, प्रेरणादायक और लोकतंत्र को मजबूत करने वाली पहल देखने को मिली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने न सिर्फ तय समय से पहले सीमा गेट खोले, बल्कि तारों के पार बसे ग्रामीणों को अपनी गाड़ियों से मतदान केंद्र तक पहुंचाकर मिसाल पेश की।
करीमगंज दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करीब 70 परिवार, जो सीमा के बाहर बसे हुए हैं, इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठा सके। गबिंदापुर, उत्तर लाफासाइल, तेसुआ, देउटोली और मैशाशन जैसे पांच गांवों के मतदाताओं को BSF ने सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्र तक पहुंचाया और मतदान के बाद वापस उनके घरों तक भी छोड़ा।
एक स्थानीय मतदाता ने बताया, BSF ने सुबह जल्दी गेट खोल दिए और अपनी गाड़ियों से हमें मतदान केंद्र तक पहुंचाया। इससे हमें बहुत सुविधा हुई। वहीं पर मौजूद भावुक मतदाता ने कहा, हम मतदान को लेकर गंभीर हैं, क्योंकि इससे हमें यह भरोसा मिलता है कि हम भारतीय हैं, सिर्फ किसी भूले-बिसरे इलाके के निवासी नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, BSF ने मतदान से पहले चुनाव प्रचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सीमा गेटों का सुचारु प्रबंधन किया और उम्मीदवारों व उनके समर्थकों को जीरो लाइन के पास बसे गांवों तक पहुंचने की अनुमति दी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकी।
भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 गज के भीतर स्थायी निर्माण या फेंसिंग की अनुमति नहीं है। इसी कारण ये गांव कंटीली तारों के बाहर स्थित हैं। यहां रहने वाले लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां रहती हैं और सीमा गेट आमतौर पर शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहते हैं।
एक BSF अधिकारी ने बताया, आपात स्थिति में हम हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार रहते हैं और जरूरत पड़ने पर निर्धारित समय के बाद भी उन्हें नजदीकी शहर तक पहुंचाते हैं।
सरकार अब श्रीभूमि जिले में बाड़बंदी के बाहर बसे गांवों के पुनर्वास पर तेजी से काम कर रही है। इस जिले की करीब 92 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है। वहीं, पड़ोसी कछार जिले (32 किलोमीटर सीमा) में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे सभी गांवों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया जा चुका है। अब श्रीभूमि में भी इसी मॉडल पर परिवारों को कंटीली तारों के भीतर बसाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे उनकी सुरक्षा, आवाजाही और बुनियादी सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
Published on:
10 Apr 2026 10:17 am
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