
Assembly Elections: कई राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से विधानसभा चुनाव में अधिकतम खर्च सीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव महंगे हो चले हैं, 40 लाख रुपए में लडऩा मुश्किल है। ऐसे में सीमा बढ़ाने की जरूरत है। हरियाणा में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने पहुंची चुनाव आयोग की टीम के समक्ष प्रमुख राजनीतिक दलों ने यह मांग उठाई। देश में फिलहाल लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को अधिकतम 95 लाख और विधानसभा चुनाव में 40 लाख रुपए खर्च करने की अनुमति है।
दो साल पहले आयोग ने खर्च सीमा बढ़ाई थी। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान आयोग ने खर्च सीमा 28 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख की थी। छोटे राज्यों के चुनाव में 28 लाख की ही अधिकतम सीमा है।
माना जा रहा है कि इस साल के आखिर में होने वाले महाराष्ट्र्र, हरियाणा, झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले आयोग इस मामले में समीक्षा कर निर्णय कर सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम ने मंगलवार को चंडीगढ़ में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाकपा (माक्र्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय लोकदल, जननायक जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लिए। हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर, 2024 को खत्म हो रहा है। राज्य में 90 विधानसभा सीटों में से 17 आरक्षित हैं।
राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के सामने कई मांगें उठाईं। इनमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग रोककर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, संवेनदशील मतदान केंद्रों पर पर्याप्त केंद्रीय बलों की तैनाती, मतदाता सूची से मृत और बाहर रहने वाले मतदाताओं के नाम हटाने, समय पर उम्मीदवारों को मतदाता सूची उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।
Published on:
14 Aug 2024 07:32 am
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