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Babul Supriyo: ‘मेरा गाना पार्टी को पसंद नहीं था’ टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी पर रखी अपनी बात

TMC Leader Babul Supriyo: सिंगर-राजनेता बाबुल सुप्रियो ने खुलासा किया कि बीजेपी में रहते हुए उनके संगीत करियर पर रोक जैसी स्थिति बन गई थी। अब राज्यसभा सदस्य के रूप में वह राजनीति और संगीत दोनों को संतुलित करते हुए अपने करियर की नई शुरुआत कर रहे हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 10, 2026

Babul Supriyo

Babul Supriyo(Image-ANI)

Babul Supriyo: बंगाल चुनाव के बीच मशहूर गायक और राजनेता Babul Supriyo ने अपनी राजनीतिक पारी को लेकर एक दिलचस्प और थोड़ा चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह बीजेपी में थे, तब उनके सिंगिंग करियर पर जैसे ब्रेक लग गया था। दरअसल, अपने नए रीक्रिएटेड गाने ‘Inteha Ho Gayi Intezaar Ki’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने खुलकर बात की। बातचीत में उन्होंने कहा कि 2014 में राजनीति में कदम रखते समय उन्हें अंदाजा ही नहीं था कि गाने-बजाने पर इस तरह की सीमाएं आ जाएंगी। बाबुल सुप्रियो ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी गाना नहीं छोड़ा था। उनका मानना था कि संगीत और राजनीति दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। लेकिन हकीकत थोड़ी अलग निकली। धीरे-धीरे एक ऐसा माहौल बन गया, जहां उनका गाना गाना कम होता चला गया। क्योंकि एक पार्टी में रहते हुए आपको पार्टी के अनुसार चलना होता है।

राजनीति में आने का मकसद क्या था?


उन्होंने यह भी बताया कि उनका राजनीति में आना किसी पद या ताकत के लिए नहीं था। वह जमीन पर काम करना चाहते थे। इस सोच के पीछे उन्हें Atal Bihari Vajpayee और Sunil Dutt जैसे नेताओं से प्रेरणा मिली। उनके मुताबिक, कला और समाज सेवा एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं। बाबुल सुप्रियो ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी में उनके काम को उतनी पहचान नहीं मिली, जितनी वह उम्मीद कर रहे थे। यही वजह रही कि उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली। बाद में उन्होंने Mamata Banerjee के नेतृत्व में नई राजनीतिक पारी शुरू की, जहां उन्हें मंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई।

संगीत की ओर फिर से वापसी


उन्होंने यह भी माना कि एक समय ऐसा आया जब वह चुनाव लड़ने को लेकर भी ज्यादा उत्साहित नहीं थे। उनका मन था कि आने वाले सालों में पूरी तरह संगीत पर ध्यान दें। उन्हें यह भी चिंता थी कि वक्त के साथ उनकी आवाज पर असर पड़ सकता है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जिस दौर में वह गा नहीं पा रहे थे, उसी दौरान उनकी रियाज और लगन और मजबूत हो गई। अब वह खुद को अपने सिंगिंग करियर के “सबसे बेहतर फॉर्म” में मानते हैं। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा, लेकिन अब संगीत को भी पूरी तरह जीना चाहता हूं।”

राज्यसभा सदस्य के रूप में नई भूमिका


फिलहाल बाबुल सुप्रियो राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कहना है कि यह भूमिका उन्हें थोड़ा संतुलन देती है। अब वह राजनीति की जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं और साथ ही संगीत को भी पूरा समय देना चाहते हैं।