
मोहम्मद बाबू खान पुलिस सुरक्षा में बंगाल के लिए रवाना (फोटो- आईएएनएस
Odisha Police Deport Bangladeshi Convict: भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और डकैती समेत कई आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया एक बांग्लादेशी नागरिक 14 साल की सजा पूरी करने के बाद अब अपने देश लौट रहा है। सभी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ओडिशा पुलिस ने उसे बुधवार को पुलिस सुरक्षा के बीच पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया, जहां से उसे भारत-बांग्लादेश सीमा पर बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
बता दें कि ओडिशा के बालासोर जिले का यह मामला करीब दो दशक पुराना है। पुलिस के अनुसार, 38 वर्षीय मोहम्मद बाबू खान बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के हमिरदी गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2002 में बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में दाखिल हुआ था। शुरुआती दौर में उसने मजदूरी की तलाश में भारत आने का दावा किया, लेकिन बाद में वह बालासोर में सक्रिय होकर कई आपराधिक मामलों में शामिल हो गया।
बालासोर पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक मोहम्मद बाबू खान के खिलाफ जिले के टाउन, बस्ता, रेमुना, सदर, इंडस्ट्रियल एरिया, खांटापडा और साहदेवखुंटा थाना क्षेत्रों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हुए। इनमें अधिकतर मामले भारतीय दंड संहिता की धारा 395 के तहत डकैती से जुड़े थे। इसके अलावा उसके खिलाफ अवैध प्रवेश को लेकर विदेशी नागरिक अधिनियम और एक अलग मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
बता दें कि पुलिस ने बाबू खान को 27 मई 2007 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे कोर्ट में भी पेश किया। 19 अक्टूबर 2012 को बालासोर की एड हॉक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीसी-द्वितीय अदालत ने उसे डकैती के मामले में दोषी ठहराते हुए 14 साल के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोहम्मद बाबू खान ने 8 अप्रैल 2026 को बालासोर जिला जेल में अपनी सजा पूरी कर ली थी। हालांकि, रिहाई के बाद उसे सीधे बाहर नहीं छोड़ा गया। उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि और निर्वासन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने तक उसे पुलिस निगरानी में एक अस्थायी निरुद्ध केंद्र में रखा गया।
बालासोर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन बेहरा ने बताया कि कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप उच्चायोग ने उसकी राष्ट्रीयता का सत्यापन कर आवश्यक ट्रैवल परमिट और एग्जिट परमिट जारी कर दिए हैं। इसके बाद सभी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी होने पर बुधवार, 8 जुलाई को साहदेवखुंटा मॉडल थाना के सब इंस्पेक्टर आलोक कुमार जेना के नेतृत्व में पुलिस टीम उसे पश्चिम बंगाल के लिए लेकर रवाना हुई। भारत-बांग्लादेश सीमा पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
Updated on:
08 Jul 2026 07:35 am
Published on:
08 Jul 2026 07:04 am
