
heavy rainfall in Surat: (Photo: IANS)
India Monsoon Update : नई दिल्ली। मानसून ने गुजरात को कवर करते हुए अब देश के शेष हिस्सों में पश्चिम राजस्थान के जोधपुर व बाड़मेर तक आगे बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आगामी 2 दिन के लिए जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, केरल, गोवा में भारी बारिश की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर रेड व शेष सभी जगहों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया। आइएमडी ने अगले 24 घंटों में 300 मिमी तक अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बादल फटने की आशंका को देखते हुए नासिक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। त्र्यंबकेश्वर मंदिर और सप्तश्रृंगी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। पालघर के वसई-विरार और नालासोपारा में सड़कों पर बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लैंडस्लाइड होने से पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर यातायात बंद है।
बंगाल की खाड़ी से बने कम दबाव के क्षेत्र (वेल मार्क लो प्रेशर) के प्रभाव से राजस्थान में मानसून की भारी बारिश का दौर जारी है। मानसून अगले तीन-चार दिन सक्रिय रहेगा। मौसम केन्द्र जयपुर ने 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग सहित दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन कमजोर होकर दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर वेल मार्क लो प्रेशर के रूप में सक्रिय है। इसके अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसी सिस्टम के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
केरल के वायनाड में एक बार फिर भूस्खलन ने जिन्दगियों को लील लिया। मंगलवार को भारी बारिश के दौरान कंस्ट्रक्शन साइट पर भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 जनों के मलबे में दबने की आशंका है। भारी मलबे साथ टैंकर और अन्य गाड़ियां व मकान तक बह गए। दस से अधिक घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भूस्खलन के समय का लाइव वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आपदा की भयावहता साफ दिख रही है। इससे पहले भी जुलाई 2024 में वायनाड जिले में भारी बारिश के दौरान आए भीषण भूस्खलन में करीब 300 लोगों की मौत हो गई थी। इस क्षेत्र में बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है।
गुजरात : जूनागढ़ में दो दिनों से तेज बारिश से खेत पानी में डूब गए। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई मार्ग बंद हो गए हैं।
मध्य प्रदेश: बालाघाट में क्रेन और जेसीबी मशीनें नदी में बह गईं। पिछले 4 दिनों में 7 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, चंदौली, वाराणसी और बरेली में तेज बारिश हुई। पीलीभीत में मगरमच्छ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। सहारनपुर में नदी में अचानक तेज बहाव देखा गया।
अन्य राज्य : हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश के बाद हाइवे बंद होने से यातायात प्रभावित होने की जानकारी आई है।
Updated on:
8 Jul 2026, 7:33 AM IST
Published on:
8 Jul 2026, 7:33 AM IST
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