24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुश्मनों की खैर नहीं! अब काल बनकर गरजेंगे नौसेना के ‘राफेल’, भारत-फ्रांस के बीच डील पर लगेगी मुहर

Rafale-Marine: राफेल-एम जेट में 22 सिंगल-सीटर जेट शामिल हैं जो विमानवाहक पोतों से संचालित हो सकते हैं और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर जेट हैं, जो वाहक-संगत नहीं हैं। 

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Apr 27, 2025

File Photo

Rafale-Marine: भारत सोमवार को फ्रांस से भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन (राफेल-एम) लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 63 हजार करोड़ रुपये है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के बड़े अधिकारी और भारत में फ्रांस के राजदूत इस सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे। बता दें कि यह मीटिंग दिल्ली में होगी।

22 सिंगल-सीटर जेट हैं शामिल

गौतलब है कि राफेल-एम जेट में 22 सिंगल-सीटर जेट शामिल हैं जो विमानवाहक पोतों से संचालित हो सकते हैं और चार ट्विन-सीटर ट्रेनर जेट हैं, जो वाहक-संगत नहीं हैं। 

रक्षा मंत्री होंगे शामिल

फ्रांस के रक्षा मंत्री भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में शामिल होंगे। वह रिमोट से हस्ताक्षर भी करेंगे। हालांकि पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री भारत आने वाले थे, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने की वजह से दौरा रद्द हो गया। इस हस्ताक्षर समारोह में भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार और फ्रांसीसी राजदूत थिएरी मथौ भी मौजूद रहेंगे। 

अरब सागर में किया मिसाइल परीक्षण

बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इसके बाद नौसेना ने दुश्मनों को कड़ा संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण भी किया था। यह मिसाइल परीक्षण नौसेना ने अपने डिस्ट्रॉयर शिप आईएनएस सूरत से अरब सागर में किया था। नौसेना ने मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी थी।

यह भी पढ़ें- साइंस ग्रेजुएट आदिल कैसे बन गया 26 मासूमों का हत्यारा, पुलिस ने रखा 20 लाख का इनाम

राफेल-एम, जो वायुसेना के राफेल से अधिक उन्नत और समुद्री संचालन के लिए अनुकूलित है, अपने शक्तिशाली इंजन और कैटोबार/स्की-जंप टेकऑफ क्षमताओं के साथ दुश्मनों के लिए चुनौती बनेगा। डील को रक्षा खरीद परिषद ने पहले ही मंजूरी दे दी है, और यह भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

भारतीय विमान वाहक पोतों पर किया जाएगा तैनात

भारत की जरूरत के हिसाब से राफेल एम विमानों को बनाया जाएगा और इन्हें भारतीय विमान वाहक पोतों पर तैनात किया जाएगा। इन पोतों में एविएशन फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स लगे हैं।