15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बसवा जयंती समारोह में राहुल गांधी बोले, दूसरों से सवाल करना आसान होता है, पर अपने आप से मुश्किल

Breaking News कर्नाटक के बागलकोट में बसवा जयंती समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहाकि, जहां भी अंधेरा होता है वहां उसी अंधेरे में से कहीं न कहीं रोशनी भी निकलती है। उस समय समाज में अंधेरा था तो बसवा जी अंधेरे में रोशनी जैसे निकले थे। व्यक्ति ऐसे ही रोशनी नहीं देता है उसे सबसे पहले अपने आप से सवाल पूछने पड़ते हैं दूसरों से सवाल करना आसान होता है, अपने आप से सवाल करना मुश्किल होता है। अपडेट जारी है।

less than 1 minute read
Google source verification
rahul_gandhi1.jpg

बसवा जयंती समारोह में राहुल गांधी बोले, दूसरों से सवाल करना आसान होता है, पर अपने आप से मुश्किल

कर्नाटक के बागलकोट में बसवा जयंती समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहाकि, जहां भी अंधेरा होता है वहां उसी अंधेरे में से कहीं न कहीं रोशनी भी निकलती है। उस समय समाज में अंधेरा था तो बसवा जी अंधेरे में रोशनी जैसे निकले थे। व्यक्ति ऐसे ही रोशनी नहीं देता है उसे सबसे पहले अपने आप से सवाल पूछने पड़ते हैं दूसरों से सवाल करना आसान होता है, अपने आप से सवाल करना मुश्किल होता है। राहुल गांधी ने कहाकि, आप ये मत समझना कि समाज के सामने सच बोलना आसान है। आज हम इनके(बसवेश्वर) सामने फूल रख रहे हैं लेकिन जब ये जिंदा थे तब इन्हें डराया गया होगा, धमकाया गया होगा, इन पर आक्रमण हुए होंगे लेकिन वे पीछे नहीं हटे, सच्चाई का रास्ता इन्होंने नहीं छोड़ा। इसीलिए आज हम उनके सामने फूल रखे। जो डर जाता है उसके सामने फूल कोई नहीं रखता।

कर्नाटक में करेंगे रोड शो

कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार 23 अप्रैल को कर्नाटक में रोड शो करेंगे। साथ ही बसवा जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे। ऐसी चर्चा है कि, कांग्रेस ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लिंगायत समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है। इसलिए ही राहुल गांधी बागलकोट जिले में बसवा जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे।

वोटिंग में सिर्फ 16 दिन बाकी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग सिर्फ 16 दिन बाकी है। कांग्रेस ही नहीं भाजपा ने भी अपने कील कांटें मजबूत कर लिए हैं। सभी पार्टियों को सिर्फ एक ही मकसद है कि, कर्नाटक की सत्ता पर अपनी पार्टी की पताका फहराना ही सबका मकसद है। मतदान की तरीख को करीब देख सभी पार्टियां आक्रामक तरीके से अपना चुनाव प्रचार कर रही हैं।