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पर्यटक स्थल, तट और रिसॉर्ट खाली करने के आदेश, EC ने बंगाल चुनाव के लिए जारी की एडवाइजरी

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने दीघा, मंदारमणि समेत तटीय इलाकों को खाली कराने का अभूतपूर्व आदेश दिया। पर्यटकों, बाहरी लोगों और प्रचारकों पर अस्थायी रोक लगाई गई है, ताकि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी और अशांति को रोका जा सके।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 21, 2026

election commission

Election Commission

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल इस बार कुछ अलग ही नजर आ रहा है। पहले चरण के मतदान से ठीक पहले चुनाव आयोग ने ऐसा फैसला लिया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। आयोग ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के मशहूर समुद्री पर्यटन स्थलों को कुछ समय के लिए पूरी तरह खाली कराने का आदेश दिया है। इस आदेश के दायरे में Digha Beach, Mandarmani Beach, Tajpur Beach, Udaipur Beach और Shankarpur Beach जैसे लोकप्रिय समुद्री तट शामिल हैं। आमतौर पर ये जगहें सालभर पर्यटकों से भरी रहती हैं, लेकिन अब यहां अचानक सन्नाटा छाने वाला है। निर्देश साफ है कि मंगलवार शाम 6 बजे तक सभी पर्यटक और बाहरी लोग इन इलाकों को छोड़ दें। यह पाबंदी 23 अप्रैल को मतदान खत्म होने तक लागू रहेगी। इतना ही नहीं, होटलों को भी कहा गया है कि वे अपने कमरों में सिर्फ स्थानीय लोगों को ही ठहरने दें। यानी बाहरी लोगों के लिए यहां ठहरना पूरी तरह बंद रहेगा। यह अपनी तरह का एकदम नया फैसला है।

जानें डिटेल्स


यह फैसला सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं है। चुनाव प्रचार करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इस दौरान इन इलाकों में रुकने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जेल की सजा का भी प्रावधान है। जैसे ही आदेश जारी हुआ, पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए। सोमवार रात से ही दीघा और आसपास के इलाकों में लाउडस्पीकर से ऐलान किए जाने लगे। पर्यटकों से अपील की गई कि वे समय रहते इलाके खाली कर दें। होटलों को भी सख्त हिदायत दी गई कि वे नियमों का पालन करें।

क्यों लिया गया फैसला?


अब सवाल उठता है कि आखिर इतना कड़ा कदम क्यों उठाया गया? चुनाव अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व पर्यटक बनकर इलाके में घुस सकते हैं और मतदान के दौरान गड़बड़ी फैला सकते हैं। इसी खतरे को देखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस तरह का आदेश पहले कभी नहीं देखा गया। आमतौर पर चुनाव के दौरान सुरक्षा बढ़ाई जाती है, लेकिन इस बार तो पूरे पर्यटन क्षेत्र को ही अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।