
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (File Photo)
ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव (Iran and US-Israel Tensions) पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) को गुंडा बताया है। इसके साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिल ईस्ट में जारी तनाव को अहंकार की जंग बताया है।
वरिष्ठ पत्रकार शम्स ताहिर खान ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) के साथ बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। धीरेंद्र शास्त्री से शम्स ताहिर खान ने पूछा कि अमेरिका और ईरान-इजरायल जंग पर डोनाल्ड ट्रंप के बारे में आपकी क्या राय है? सवाल के जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस मामले पर मेरी बहुत पुरानी राय है। वे (ट्रंप) ऐसी समस्या का समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं, जो समस्या है ही नहीं। उस समस्या का समाधान भगवान भी नहीं कर सकता है।
धीरेंद्र शास्त्री से पूछा गया कि ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग पर आपकी क्या राय है? जवाब में शास्त्री ने कहा कि यह ईगो (अहंकार) की लड़ाई है। ईरान अपना अस्तित्व बचाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, अमेरिका और इजरायल अपनी साख बचाने में लगे हैं। शास्त्री ने कहा कि पहले यह लड़ाई एक सीमा तक थी। अब यह लड़ाई असीमित हो गई है। दोनों तरफ से नाक और साख बचाने की लड़ाई चल रही है। अमेरिका गुंडई बनाए रखने के लिए यह कर रहा है। अमेरिका को बराबर जवाब मिल रहा है, इसलिए उनकी गुंडई पर खतरा है। धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि यह जंग तभी खत्म होगी, जब ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाए या अमेरिका ईरान से अपनी शर्तें मनवा ले।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म (Ceasefire Ends) होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बयान से तनाव बढ़ गया है। PBS न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने सोमवार को कहा कि अगर ईरान से जारी युद्ध विराम बिना किसी समझौते के खत्म हो जाता है तो बहुत सारे बम फटने लगेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान में भी करारा जवाब दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने करारा जवाब दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Iranian President Masoud Pezeshkian) ने अमेरिका को चेतावनी दी है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरानी जनता दबाव या जोर-जबरदस्ती के आगे झुकने वाली नहीं है। अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए पेजेशकियान ने कहा कि किसी भी सार्थक बातचीत की नींव वादों को निभाने पर टिकी होती है। अमेरिकी सरकार के रवैये को लेकर ईरान में गहरा ऐतिहासिक अविश्वास अब भी बना हुआ है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों से मिलने वाले गैर-रचनात्मक और विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं कि वे ईरान का समर्पण चाहते हैं। ईरानी लोग जोर-जबरदस्ती के आगे नहीं झुकते।
Published on:
21 Apr 2026 11:33 pm
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