
चुनाव आयोग (IANS)
West Bengal Assembly Elections: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होगा। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। 4 मई को नतीजे आएंगे। चुनावी हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने 3000 अतिरिक्त फोर्स तैनात करने का फैसला लिया है। ये पुलिसकर्मी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश से बुलाए जाएंगे।
बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। ऐसे में चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए करीब 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र पुलिसकर्मियों तैनात करने का निर्णय लिया गया है। ये पुलिसकर्मी 13 अप्रैल को चरणबद्ध तरीके से पहुंचा शुरू हो जाएंगे। जानकारी ये भी सामने आई है कि आयोग पहले ही राज्यभर में केंद्रीय बलों की 2,400 कंपनियों की तैनाती की योजना बना चुका है।
चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त सुप्रतिम सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तमिलनाडु में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में नई जिम्मेदारी राहत की मांग की थी।
पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया सोमवार की आधी रात के बाद समाप्त होने के साथ, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 90 लाख से ज्यादा हो गई है।
हालांकि, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल मामलों में से कुछ ही प्रतिशत मामलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, ईसीआई द्वारा अंतिम आंकड़े पर पहुंचने के बाद यह संख्या समय के साथ मामूली रूप से बढ़ सकती है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन पर न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर हो चुके हैं। फिर से, 59,84,512 की संख्या में से न्यायिक अधिकारियों द्वारा "बहिष्कृत" माने गए और इसलिए "हटाए गए" मतदाताओं की संख्या 27,16,393 है, जिसका अर्थ है कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या वर्तमान में 90,83,345 है।
Updated on:
07 Apr 2026 10:53 am
Published on:
07 Apr 2026 09:35 am
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