12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bhagat Singh Jayanti 2024: भगत सिंह की जयंती पर PM मोदी, अमित शाह और JP नड्डा सहित कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Bhagat Singh Jayanti 2024: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रद्धांजलि दी।

2 min read
Google source verification

Bhagat Singh Jayanti 2024: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया। लिखा, मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान करने वाले अमर शहीद भगत सिंह को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों ने साहस का परिचय देते हुए साहसिक कार्य किए, जिनका देश की आजादी में बहुत बड़ा योगदान है।

भगत सिंह जैसा देश प्रेम हमारे दिलों में होना चाहिए : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि वह जब तक जिए एक मिशन के तहत जिए। और उसी के लिए उन्होंने अपना बलिदान दे दिया। वह मिशन था भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाना। हम भले ही भगत सिंह न बन पाएं लेकिन, भगत सिंह जैसा देश प्रेम हमारे दिलों में होना चाहिए।

शहीद भगत सिंह की जयंती पर शत-शत नमन: जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पोस्ट किया। नड्डा ने लिखा, मां भारती के वीर सपूत, महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद भगत सिंह के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला को प्रचंड कर दिया था। उनके दृढ़ संकल्प और शौर्य ने विदेशी हुकूमत की जड़ें हिला दी। आज उनकी जयंती पर शत-शत नमन करता हूं। परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए तत्कालीन भारतीय समाज में आत्मविश्वास व समर्पण के जो मानदंड उन्होंने स्थापित किए इससे समस्त देशवासी युगों तक प्रेरणा प्राप्त करते रहेंगे।

यह भी पढ़ें- Air Train: देश में पहली बार दौड़ेगी एयर ट्रेन, फ्री में सफर कर सकेंगे यात्री, जानिए कहां से कहां तक चलेगी

ओजस्वी विचारों से युवाओं को स्वाधीनता के लिए किया प्रेरित: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा, क्रांतिवीर भगत सिंह ने न केवल ब्रिटिश हुकूमत को बुलंद आवाज से ललकारा, बल्कि देश की स्वतंत्रता व सुनहरे पल के लिए अपने प्राणों की आहुति भी दी। एक ओर उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों से युवाओं को मां भारती की स्वाधीनता के लिए प्रेरित किया, तो दूसरी ओर टुकड़ों में बंटे स्वतंत्रता संग्राम को संगठित किया। उनके बलिदान की चिंगारी ऐसी महाज्वाला बनी, जिससे पूरे देश में आजादी की लहर और प्रचंड हो गई।