1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस में बड़ा बदलाव: टिकट वितरण और नियुक्तियों में जिलाध्यक्षों की भूमिका होगी अहम

Congress new strategy: कांग्रेस ने आगामी चुनावों के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की इंदिरा भवन में बैठक हुई। इसमें तय किया गया है कि टिकट और राजनीतिक नियुक्तियों में जिलाध्यक्षों की राय मानेंगे। पढ़िए शादाब अहमद की खास रिपोर्ट...

2 min read
Google source verification

Congress new strategy:कांग्रेस अपने जिलाध्यक्षों को राजनीतिक व आर्थिक रूप से ताकतवार बनाने जा रही है वहीं उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। ताकतवर इस रूप में कि टिकट वितरण में उनकी सहभागिता बढ़ाने के साथ ही सत्ता वाले राज्यों में राजनीतिक नियुक्तियों में भी उनकी राय को महत्त्व दिया जाएगा। जिलाध्यक्षों के कामकाज के बारे में मापदंड तय कर उन्हें जिम्मेदार भी बनाया जाएगा। इस संबंध में अहमदाबाद में 8 व 9 अप्रेल को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रस्ताव रखा जा सकता है। इन प्रस्तावों को ड्रॉफ्ट कमेटी तैयार कर रही है।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गुरुवार को इंदिरा भवन में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, गुजरात, दिल्ली और चंडीगढ़ के जिलाध्यक्षों के साथ हुई बैठक के दौरान उन्हें मजबूत व जिम्मेदार बनाने की बात सामने आई। खरगे और राहुल ने इस पर सहमति व्यक्त की। छह घंटे से ज्यादा मंथन में हर राज्य से दो जिलाध्यक्षों को बोलने का मौका मिला। जिला इकाइयों को मजबूत करने के लिए छह प्रजेंटेशन दिए गए। कई जिलाध्यक्षों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन में सेन्ट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक में उनकी राय रखने का प्रस्ताव भी रखा है।

राजस्थान के दो जिलाध्यक्षों को मिला मौका

राजस्थान के सीकर की कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला और भीलवाड़ा के जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी को अपनी बात रखने का मौका मिला। बैठक में गठाला ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को संगठन के हर कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए, जिससे कार्यकर्ताओं और जनता का जुड़ाव कांग्रेस से हो सकेगा।

यह भी पढ़ें: वक्फ बोर्ड के पास 2.70 लाख कब्रिस्तान और मस्जिदें: यूपी में सबसे ज्यादा, गुजरात में कम संपत्ति

जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन की यह होगी कसौटी

  1. वोटर लिस्ट की गड़बड़ी रोकना
  2. एआइसीसी और पीसीसी के निर्देशों की पालना
  3. लोकसभा, विधानसभा, पंचायत और निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन
  4. चुनावों में वोटिंग प्रतिशत का घटना-बढऩा