
Waqf Bill: पूरे देशभर में इन दिनों वक्फ बोर्ड को लेकर चर्चा हो रही है, चाय की टपरी से लेकर संसद तक मामला गरमाया हुआ है। भारत में रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद सबसे ज्यादा जमीन अगर किसी के पास है तो वो वक्फ बोर्ड के पास है। देश में वक्फ बोर्ड के पास 8,72,324 अचल संपत्तियां है। गैर सरकारी संस्था के तौर पर वक्फ के पास देश में सबसे ज्यादा जमीन है। वक्फ बोर्ड की सपंत्तियां सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में जबकि सबसे कम गुजरात में है। आइये जानते है वक्फ के पास किस राज्यों में कहां कितनी संपत्तियां है।
1- कब्रिस्तानों का प्रभुत्व: कब्रिस्तानों में 1,50,569 संपत्तियां शामिल हैं , जो सभी वक्फ संपत्तियों का 17% है, जो किसी भी एक श्रेणी के लिए सबसे अधिक है। किसी समुदाय के पास दुनिया में सबसे ज्यादा है।
2- मस्जिदों का बड़ा हिस्सा: लगभग 1,19,200 वक्फ संपत्तियों में मस्जिदें हैं, जो कुल संपत्ति का 14% है।प्लॉट (64,724), आशूरखाना (17,719), मदरसे (14,008) और 1,26,189 अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
3- वाणिज्यिक प्रतिष्ठान: वक्फ स्वामित्व के अंतर्गत दुकानों और मकानों की संख्या क्रमशः 1,13,187 और 92,505 है, जो महत्वपूर्ण आर्थिक उपयोग को दर्शाती है।
4- कृषि भूमि का हिस्सा: 1,40,784 कृषि संपत्तियों के साथ, वक्फ भूमि स्वामित्व पैटर्न में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो कुल संपत्तियों का 16% है।
5- धार्मिक स्थलः दरगाहों और मजारों सहित वक्फ के अधीन धार्मिक स्थल कुल 33,492 संपत्तियां हैं। इनमें प्लॉट (64,724), आशूरखाना (17,719), मदरसे (14,008) और 1,26,189 अन्य संपत्तियां शामिल हैं।
6- यूपी में सबसे अधिक: उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां ( 2,32,547) हैं , जो राष्ट्रीय कुल का 27% है। सबसे कम संपत्ति गुजरात (39,940), तेलंगाना (45,682) और केरल (53,282) के पास है।
7- ज्यादा संपत्ति वाले अन्य राज्य: पश्चिम बंगाल (80,480), पंजाब (75,965), तमिलनाडु (66,092) और कर्नाटक (62,830) शामिल हैं।
8- विविध उपयोग: धार्मिक स्थलों के अलावा, वक्फ संपत्तियों में 64,724 भूखंड , 17,719 आशूरखाने, 14,008 मदरसे और अन्य श्रेणियों में 1,26,189 संपत्तियां शामिल हैं।
9- अन्य वितरण: सबसे कम वक्फ संपत्ति संख्या वाले राज्यों में गुजरात (39,940), तेलंगाना (45,682) और केरल (53,282) शामिल हैं।
देश में वक्फ संपत्तियों को लेकर अक्सर विवाद होते रहे हैं। इसके चलते कानूनी लड़ाई और सामुदायिक चिंता भी बनी है। सरकार ने बताया कि सितंबर 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों में 5973 सरकारी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया है। इसको लेकर केन्द्र सरकार के पास भी लगातार शिकायतें पहुंची है।
-तमिलनाडु: थिरुचेंथुरई गांव का एक किसान वक्फ बोर्ड के पूरे गांव पर दावे के कारण अपनी ज़मीन नहीं बेच पा रहा था। वह अपनी बेटी की शादी के लिए अपनी ज़मीन बेचना चाहता था।
-गोविंदपुर गांव, बिहार: अगस्त 2024 में बिहार सुन्नी वक्फ बोर्ड के अगस्त 2024 में पूरे गांव पर किए गए दावे के कारण सात परिवार प्रभावित हुए। यह मामला पटना हाई कोर्ट में चल रहा है।
-केरल: सितंबर 2024 में एर्नाकुलम जिले के करीब 600 इसाई परिवार अपनी पुश्तैनी जमीन पर वक्फ बोर्ड के दावे का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने संयुक्त संसदीय समिति में अपील की है।
-कर्नाटक: 2024 में वक्फ बोर्ड ने विजयपुरा में 15,000 एकड़ जमीन को वक्फ जमीन के रूप में नामित कर दिया। किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। बल्लारी, चित्रदुर्ग, यादगीर और धारवाड़ में भी विवाद उठे।
-उत्तर प्रदेश: राज्य वक्फ बोर्ड के कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ शिकायतें उठाई गई हैं।
-कर्नाटक (1975 और 2020): 40 वक्फ संपत्तियों को अधिसूचित किया गया, जिनमें खेत, सार्वजनिक स्थान, सरकारी भूमि, कब्रिस्तान, झीलें और मंदिर शामिल हैं।
-पंजाब वक्फ बोर्ड ने पटियाला में शिक्षा विभाग की जमीन पर दावा किया है।
-आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 108 संपत्तियां, दिल्ली विकास प्राधिकरण के नियंत्रण में 130 संपत्तियां और सार्वजनिक डोमेन में 123 संपत्तियों को वक्फ की घोषित कर मुकदमेबाजी में लाया गया।
Updated on:
03 Apr 2025 10:17 am
Published on:
03 Apr 2025 10:17 am
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