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रेल टिकट पर सीनियर सिटीजन को कब मिलेगी फिर रियायत, 6 साल से सिर्फ इंतजार

Train Ticket Concession: कोरोना महामारी इतिहास बन चुकी है, रेलगाड़ियां फिर से पटरी पर पूरी रफ्तार से दौड़ रही हैं, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया रियायत अब तक नहीं मिल सकी है। मार्च 2020 में अस्थायी तौर पर बंद की गई यह सुविधा 6 साल बाद भी बहाल नहीं हो सकी है।
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Senior Citizen Train Fare

photo source- AI

Senior Citizen Train Fare Concession: कोरोना महामारी इतिहास बन चुकी है, रेलगाड़ियां फिर से पटरी पर पूरी रफ्तार से दौड़ रही हैं, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया रियायत अब तक नहीं मिल सकी है। मार्च 2020 में अस्थायी तौर पर बंद की गई यह सुविधा 6 साल बाद भी बहाल नहीं हो सकी है। इलाज,तीर्थ और पारिवारिक जरूरतों के लिए रेल यात्रा करने वाले बुजुर्गों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में अब हर टिकट से पहले खर्च का गणित बैठाना पड़ता है। उनका सवाल है-जब सब कुछ सामान्य हो गया तो उनकी रियायत अब तक क्यों नहीं लौटी?

इन पर पड़ रहा सर्वाधिक असर

ट्रेनों के किराए में छूट का सबसे अधिक असर उन बुजुर्गों पर पड़ा है, जिन्हें नियमित इलाज के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता है या जो तीर्थयात्रा और पारिवारिक कारणों से रेल यात्रा करते हैं। हालांकि वर्तमान में रेलवे प्रशासन कई गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों, विद्यार्थियों तथा कुछ अन्य श्रेणियों के यात्रियों को ही रेलवे फिर से रियायत दे रहा है।

फैसला रेलवे बोर्ड के स्तर पर होगा

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों की किराया रियायत के संबंध में निर्णय केवल रेलवे बोर्ड के स्तर पर ही लिया जा सकता है। मंडल या जोन स्तर पर इस प्रकार का फैसला संभव नहीं है। हालांकि जोन स्तर पर विभिन्न नागरिक संगठन कई बार ज्ञापन देकर रियायतें फिर से शुरू करने की मांग कर चुके हैं।

रियायत बहाल करने की मांग तेज

वरिष्ठ नागरिक संगठनों का कहना है कि यह केवल किराए में छूट नहीं. बल्कि सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधा थी। इलाज, पारिवारिक जरूरतों और धार्मिक यात्राओं के लिए रेल यात्रा सबसे किफायती विकल्प होती है। इस रियायत को दोबारा लागू करने की मांग की जा रही है।

कोरोना से पहले यह मिलती रियायतें

रेल मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 के प्रसार को रोकने के उपायों के तहत, केंद्र सरकार ने मार्च 2020 में ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाली रियायतों सहित कई श्रेणी की छूट वापस ले ली थी। कोरोना काल से पूर्व रेलवे की ओर से सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में 58 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 50% और 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को 40% की छूट मिलती थी। रेलवे ने इस रियायत को अब तक बहाल करने की फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। IRCTC पोर्टल पर भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए टिकट की कीमतें सामान्य श्रेणी के यात्रियों के समान ही दर्शित हैं।