10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खामेनेई की पोती की हत्या से गुस्से में ईरान, जनाजे के बाद अमेरिका भी युद्ध को तैयार, पर दोनों के सामने एक ही संकट

Iran US tension: खामेनेई की पोती की हत्या के बाद ईरान में गुस्से की लहर, इसके बावजूद ईरान पूरी तरह से अमेरिका के साथ युद्ध करने से बच रहा लेकिन खतरा बरकरार है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Jul 10, 2026

US Iran Peace Deal, Shehbaz Sharif, Asim Munir, US Iran Agreement, Pakistan Role in US Iran Peace Deal, Donald Trump Iran Deal, Geneva Peace Agreement,

मोजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो - एएनआई)

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या और उनकी 14 महीने की पोती की मौत ने पूरे देश में अमेरिका में प्रति भारी नाराजगी पैदा कर दी है। दोनों के जनाजे में लाखों लोग सड़कों पर उतरे।

इस बीच, मिडिल ईस्ट प्रकरण पर नजर रखने वाले एनालिस्ट वाएल अव्वाद ने बताया कि दोनों तरफ पूरे युद्ध की कोई इच्छा नहीं है, लेकिन छोटे-छोटे हमले जारी हैं।

खामेनेई के जनाजे के बाद गुस्से की लहर

वाएल अव्वाद ने बताया कि खामेनेई का जनाजा इतिहास का सबसे बड़ा जनाजा था। इसे ईरान से लेकर इराक तक ले जाया गया। एक आम धार्मिक नेता को दिनदहाड़े मार दिया गया, उसकी नन्ही पोती भी इस हमले में मारी गई। अमेरिका और इजराइल ने इसे लेकर खुशी भी जताई।

अव्वाद ने कहा- इससे ईरानी लोगों में भारी गुस्सा है। लोग अब अपनी सरकार के साथ खड़े हैं और किसी भी आक्रमण का मुकाबला करने को तैयार हैं। यह घटना ईरान को अंदर से मजबूत कर रही है। सड़कों पर सहानुभूति की लहर है और लोग अपनी लीडरशिप को सपोर्ट कर रहे हैं।

टीट फॉर टैट हमले, लेकिन पूरे युद्ध से बचाव

एनालिस्ट ने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों ही पूरे युद्ध को बढ़ाने से बच रहे हैं। मिडिल ईस्ट देशों में अमेरिकी बेसों पर ईरान के जवाबी हमले हुए, जॉर्डन में भी कार्रवाई हुई, लेकिन दोनों पक्ष इसे सीमित रख रहे हैं।

अव्वाद ने एनएनआई से बातचीत में कहा- यह साफ संकेत है कि दोनों देश अभी बड़े युद्ध में नहीं जाना चाहते। टाइट-फॉर-टैट हमले हो रहे हैं, लेकिन सब कुछ कंट्रोल में है।

बैकडोर डिप्लोमेसी तेज

उधर, गल्फ देश, तुर्की, कतर और सऊदी अरब बैकडोर डिप्लोमेसी के जरिए ईरान व अमेरिका के बीच सुलह कराने में जुटे हैं।

इनका मकसद दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना है। सुरक्षा समझौते को लागू करने का तरीका तय करना है। अव्वाद ने कहा कि दोनों तरफ सहमति है, बस बारीकियों पर चर्चा बाकी है।

इजराइल का चेतावनी भरा बयान

दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। इजराइल हर स्थिति के लिए तैयार है। इस बयान ने इलाके में फिर से तनाव बढ़ा दिया है।