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1984 सिख दंगे में सज्जन कुमार को बड़ी राहत, अदालत ने दिए रिहाई के निर्देश

1984 Sikh riots: 20 सितंबर को मामले में सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल की कोर्ट ने भीड़ को उकसाने व अन्य आरोपों के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया।    

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 Big relief to Sajjan Kumar in 1984 Sikh riots court directs his releas

1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सिख दंगों हुए थे। इसी दंगे के दौरान दिल्ली के सुल्तानपुरी में 6 लोगों की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। इन सभी पर भीड़ को उकसाने का आरोप था। बता दें कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार दिल्ली दंगे के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

आरोप साबित नहीं कर पाया अभियोजन पक्ष

20 सितंबर को मामले में सुनवाई करते हुए राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल की कोर्ट ने भीड़ को उकसाने व अन्य आरोपों के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष कांग्रेस नेता पर आरोप साबित करने में नाकाम रहा है।


भीड़ ने की थी सिखों की निर्मम तरीके से हत्या

यह मामला सुल्तानपुरी इलाके में दो नवंबर 1984 को भड़के सिख विरोधी दंगों से संबंधित है। यहां एक गवाह चाम कौर ने बयान दर्ज कराए थे कि उसने सज्जन कुमार को भीड़ को उकसाते देखा। जिसके बाद भीड़ ने सिखों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। परन्तु अब अदालत ने माना कि एक भी ऐसा साक्ष्य सामने नहीं आया है जो कांग्रेस नेता की दोष सिद्धि को साबित करता हो।

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