
Bihar: Death toll in Chhapra Hooch Tragedy rises to 67
Chhapra Hooch Tragedy: बिहार में जहरीली शराब से मौत के मामले लगातार चौथे दिन सामने आए। सारण (छपरा) जिले में शनिवार को जहरीली शराब पीने से 8 और लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। ये सभी अलग-अलग अस्पतालों में इलाजरत थे। इन पांच लोगों की मौत के साथ ही छपरा में जहरीली शराब से मौत के मामले बढ़कर 70 हो गए। छपरा के इसुआपुर से शुरू हुए मौत का आंकड़ा मसरख, मढ़ौरा, तरैया, अमनौर सहित बनियापुर से भी सामने आने लगा है। जिले में अभी तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। सदर अस्पताल सहित निजी क्लिनिक में अभी भी कई लोगों का इलाज जारी है। इधर प्रशासन पर आंकड़ों को छिपाने का बड़ा आरोप लगा है। कई पीड़ितों को पुलिस डरा-धमका कर या पैसों का लालच देकर शवों का बिना पोस्टमार्टम कराए दाह-संस्कार करवा रही है। कागजों पर इन मौतों को ठंड से मौत बताया जा रहा है।
सभी मृतकों में एक जैसा ही था लक्षण
छपरा में जहरीली शराब से हुई सभी 70 मौतों में मृतकों का लक्षण एक समान सामने आ रहा है। उल्टी, पेट दर्द, आंख की रौशनी जाने के लक्षण पर लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान लोगों की मौत होती गई। छपरा में मंगलवार की रात 5 लोगों की मौत हुई थी। बुधवार की शाम तक बढ़ते हुए संख्या 27 हो गई।
छपरा में ऐसे बढ़ते गया मौत का आंकड़ा
गुरुवार सुबह मौत का आंकड़ा बढ़कर 49 पहुंच गई। शुक्रवार की सुबह मृतकों की संख्या 52 हो गई और शाम होते-होते संख्या बढ़कर 62 हो गई है। शनिवार सुबह-सुबह 8 और लोगों ने दम तोड़ दिया। मौत का आंकड़ा 70 हो गया है। इधर सारण के अलावा शुक्रवार को बिहार के दो और जिलों से कथित तौर पर जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आए।
यह भी पढ़ें - जहरीली शराब पर सीएम नीतीश कुमार बोले, नहीं मिलेगा मुआवजा
सीवान और बेगूसराय में भी शराब से मौत
छपरा के पड़ोसी जिले सीवान के साथ-साथ बेगूसराय से भी शुक्रवार को जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आए। मिली जानकारी के अनुसार सीवान के भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के एक गांव में जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं बेगूसराय के तेघड़ा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। तेघड़ा में एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सरकार का मुआवजे से इंकार
दूसरी ओर सरकार ने जहरीली शराब से हुई मौत में मुआवजे से इंकार कर दिया है। शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराब पीने से हुई मौत मामले में मुआवजे का कोई सवाल ही नहीं उठता है। मृतकों के परिजन कानूनी पचड़े में फंसने के डर से दाह-संस्कार कर रहे हैं। इधर पुलिस भी परिजनों को डरा-धमकाकर दाह-संस्कार करवा रही है।
यह भी पढ़ें - अब बिहार के तीन जिलों में जहरीली शराब से मौत का ताडंव
Updated on:
17 Dec 2022 10:18 am
Published on:
17 Dec 2022 10:11 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
