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आज संसद में पेश होगा परमाणु ऊर्जा से जुड़ा विधेयक, क्या निजी कंपनियों को मिलेगा मौका?

आज संसद में परमाणु ऊर्जा से जुड़ा विधेयक पेश होगा। यह बिल देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को एंट्री देना का रास्ता साफ करेगी। जानिए कौन कौन सी कंपनियां इस सेक्टर में निवेश करने को हैं इच्छुक...
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Parliament 777

संसद (Photo-IANS)

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। आज सत्र के ग्यारहवें दिन दोनों सदनों में लंबित विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। आज मोदी सरकार (Modi government) एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल पेश करेगी। यह बिल देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को एंट्री देना का रास्ता साफ करेगी। इसके साथ ही, आज कॉर्पोरेट बिल, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया जैसे बिल पर भी चर्चा हो सकती है। SIR पर भी हंगामे के आसार दिख रहे हैं।

बड़े ऊर्जा सुधार की ओर बढ़ रहा भारत

वहीं, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री को बड़े ऊर्जा सुधार के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब तक यह सेक्टर पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में था, लेकिन अब यह निजी सेक्टर के लिए भी खुल जाएगा। मोदी कैबिनेट ने इस बिल को पहले ही मंजूरी दे दी है। आज इस पर बहस की उम्मीद है।

निजी कंपनियों को परमाणु ऊर्जा उत्पादन में भागीदारी मिलने से देश को 100 GW न्यूक्लियर कैपेसिटी हासिल करने में मदद मिलेगी। यह देश के लिए क्लीन एनर्जी और नेट जीरो लक्ष्य को पूरा करने के लिए बेहद अहम है।

कौन-कौन से प्राइवेट प्लेयर दिखा रहे दिलचस्पी

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश में बिजली उत्पादन करने वाली बड़ी निजी कंपनियां रूचि दिखा रही हैं। अंबानी, अडानी और जिंदल पावर इस सेक्टर में निवेश करने में इच्छुक बताए जा रहे हैं। इन बड़ी कंपनियों की योजना है कि वे परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करें और बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने का काम करें।

हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी परमाण संयंत्रों में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, एटोमिक विभाग के साथ तालमेल बैठाकर ही आगे का काम किया जाएगा। परमाणु ऊर्जा एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए सभी प्रोजेक्ट्स को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।