
बंगाल में बीजेपी ने मुस्लिमों के प्रति अपनाया नरम रुख (Photo-IANS)
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। बिहार में शानदार जीत के बाद एनडीए ने बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं ममता बनर्जी ने भी चुनावों की तैयारी शुरू कर दी। बिहार चुनाव से पहले SIR को लेकर बीजेपी का रुख था कि यह अभियान बांग्लादेश से आए लोगों समेत घुसपैठियों को जड़ से खत्म कर देगा। लेकिन बंगाल में SIR पर बीजेपी का नरम रुख नजर आ रहा है।
बंगाल में एसआईआर को लेकर बीजेपी ने कहा कि पार्टी राष्ट्रवादी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। BJP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 प्रतिशत मुसलमान हैं। इस आबादी का करीब 40-50 सीटों पर दबदबा है। लेकिन कई सीटों पर मुस्लिम आबादी ज्यादा नहीं है, लेकिन वहां पर भी एक तय वोट प्रतिशत उनके पास है।
BJP के नेता ने कहा कि पार्टी को बंगाल में जीतने के लिए एक अलग फार्मूले की जरूरत होगी, क्योंकि जाति की राजनीति कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। इसलिए, BJP क्षेत्रीय और धार्मिक समीकरणों को बैलेंस करेगी। बिहार में, इस बार, BJP को मुस्लिम वोट मिले, और इससे हमें बंगाल में भी वोट जीतने का भरोसा है।
बीजेपी नेता ने कहा कि प्रदेश में हम उन मुस्लिम इलाकों को टारगेट करेंगे जो कि ममता बनर्जी से नाराज हैं। हम ऐसे वोट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं जो आम तौर पर CPI(M)-कांग्रेस को जाते हैं। इस बार ऐसा नहीं होगा।
बीजेपी के नेताओं का मानना है कि बिहार में पार्टी को मुसलमानों ने भी वोट दिए हैं। वहीं बंगाल में अब नेताओं ने मुस्लिमों के प्रति नरम रुख अपनाना शुरू कर दिया है। दरअसल, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश में एक हिंदू साधु की गिरफ्तारी के बाद बंगाल में कई रैलियां की थीं। उन्होंने दावा किया था कि बंगाल में हिंदू एकजुट नहीं हैं।
साथ ही बीजेपी नेता अधिकारी ने दावा किया था कि बंगाल में 2026 में यदि बीजेपी सत्ता में आई तो मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर कर देगी। लेकिन अब बिहार जीतने के बाद सुवेंदु अधिकारी का मुस्लिमों के प्रति नरम रुख हो गया है।
बीजेपी नेता अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने प्रदेश में एक झूठी कहानी बनाई है कि बीजेपी मुस्लिम विरोधी है। लेकिन हम सभी समुदायों के विकास के लिए काम करते हैं, हमने कभी भी मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि BJP शासित राज्यों और देश में मुसलमानों के लिए उठाए गए विकास के कदमों को देखें। भारतीय मुसलमान SIR का समर्थन कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य केवल अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या प्रवासियों को वोटर लिस्ट से बाहर करना है।
Updated on:
29 Nov 2025 08:06 pm
Published on:
29 Nov 2025 08:06 pm
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