
भाजपा नेता केया घोष
Baruipur Encounter: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। इस मामले में विपक्ष के हमलों पर भाजपा नेता केया घोष ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में सख्ती से काम किया, क्योंकि आरोपी ने सर्विस हथियार छीनकर गोली चला दी थी। उन्होंने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौतों पर राजनीति करने का एक पुराना इतिहास रहा है और वह इस मामले पर भी ऐसा ही करने की कोशिश कर सकती हैं।
भाजपा नेता केया घोष ने बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले को लेकर टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी की। ऐसे में पुलिस ने आत्मरक्षा में उस समय जो आवश्यक कार्रवाई उचित समझी, वही की। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पहले भी मौत के मामलों पर राजनीति करती रही हैं और इस मामले में भी ऐसा कर सकती हैं।
केया घोष ने सवाल उठाया कि कस्बा में कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म के मामले या हांसखाली में नाबालिग के कथित दुष्कर्म और रात में अंतिम संस्कार किए जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ने इसी तरह विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी चयनात्मक राजनीति करती हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा की सरकार कानून के शासन के अनुसार काम करेगी, न कि राजनीति के आधार पर। किसी भी मामले में धर्म, जाति या राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की घटना को फिर से समझने के लिए मंगलवार रात प्रवास मंडल को क्राइम सीन पर ले जाया गया था। इस दौरान, उसने कथित तौर पर साथ चल रहे पुलिसकर्मी की सर्विस राइफल छीन ली और भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान मंडल ने गोली भी चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। प्रवास मंडल को गोली लगी और बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
यह मामला 12 साल की लड़की के साथ रेप और हत्या से जुड़ा है, जिसकी शनिवार शाम को हैवानियत के बाद हत्या कर दी गयी थी। उसका शव रविवार सुबह बारुईपुर में एक तालाब से बरामद हुआ था। इस घटना से बड़े पैमाने पर गुस्सा और विरोध प्रदर्शन हुआ। जिसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए छह सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई थी।
प्रवास मंडल गिरफ्तार होने वाला पहला आरोपी था। बाद में हुई पूछताछ के आधार पर दो और आरोपियों दिवाकर सरकार और आनंद सरदार को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को पुलिस ने चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को भी दबोच लिया। पुलिस ने आनंद सरदार को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है।
Updated on:
08 Jul 2026 04:42 pm
Published on:
08 Jul 2026 02:48 pm
