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एम्स में इलाज-शोध दोनों प्रभावित…डॉक्टरों और कर्मचारियों की बड़ी कमी

20 संस्थानों का हालः फैकल्टी और नॉन फैकल्टी के करीब एक तिहाई पद खाली… पढ़िए पूरी खबर

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भारत

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Saurabh Mall

Feb 18, 2026

AIIMS Healthcare Crisis

दिल्ली एम्स में फैकल्टी के 34.15 प्रतिशत पद खाली…पढ़िए पूरी रिपोर्ट (सोर्स: AI जनरेटेड)

AIIMS Healthcare Crisis: देश के 20 एम्स में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बड़ी कमी सामने आई है। स्वीकृत 65,291 पदों के मुकाबले 19,561 पद खाली हैं, यानी करीब एक तिहाई रिक्तियां। फैकल्टी के 37 प्रतिशत से अधिक और नॉन फैकल्टी के 29 प्रतिशत से ज्यादा पद रिक्त हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में फैकल्टी की कमी का असर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मेडिकल शिक्षा, शोध और सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण की रफ्तार पर भी पड़ता है। सीमित मानव संसाधन के साथ संस्थानों को बढ़ती जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ रहा है, जिससे प्रबंधन और संचालन पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

दिल्ली में 34 तो जोधपुर में 45 प्रतिशत पद हैं खाली

दिल्ली एम्स में फैकल्टी के 34.15 प्रतिशत पद खाली हैं। 1,306 स्वीकृत पदों में से 860 भरे हैं और 446 रिक्त हैं। राजस्थान के जोधपुर एम्स में 405 पदों में से 221 भरे हैं, जबकि 184 पद खाली हैं, जो करीब 45 प्रतिशत है। नॉन फैकल्टी के मामले में दिल्ली में 18.27 प्रतिशत और जोधपुर में 17.93 प्रतिशत पद रिक्त हैं।

सबसे ज्यादा मदुरैई में खाली हैं पद

तमिलनाडु के मदुरै एम्स में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई है। यहां फैकल्टी के 61 प्रतिशत और नॉन फैकल्टी के 95 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके बाद राजकोट में फैकल्टी के 57.37 और नॉन फैकल्टी के 52.83 प्रतिशत पद रिक्त हैं। हालांकि फैकल्टी में सर्वाधिक 77.24 प्रतिशत पद भोपाल में भरे हुए हैं, जबकि नॉन फैकल्टी में जोधपुर 82.06 प्रतिशत पदों के साथ बेहतर स्थिति में है।

देश के प्रमुख एम्स में पदों की स्थिति

एम्सफैकल्टी कुल पदफैकल्टी रिक्त पदनॉन फैकल्टी कुल पदनॉन फैकल्टी रिक्त पद
नई दिल्ली1306446139112542
भोपाल312713874954
जोधपुर4051844048726
रायपुर30510538841069

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