28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दोबारा नहीं होगी BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा, पटना हाई कोर्ट ने याचिकाएं की खारिज

बिहार लोक सेवा आयोग की 70 वीं प्रारंभिक परीक्षा (BPSC PT Exam) दोबारा नहीं होगी। पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोबारा एग्जाम की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

2 min read
Google source verification
नाबालिग के अपहरण व यौन शोषण मामले में 20 साल की जेल, कोर्ट ने कहा- गवाही विश्वसनीय हो तो अन्य साक्ष्यों की जरूरत नहीं...

BPSC Exam: पटना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट के फैसले से परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे छात्रों को बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि 13 दिसंबर 2024 को बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। अभ्यर्थियों ने इस मामले को हाई कोर्ट में उठाते हुए परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की थी। आयोग ने 4 जनवरी 2025 को पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर दोबारा परीक्षा कराई थी, जिस पर भी कई उम्मीदवारों ने आपत्ति जताई थी।

उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का आदेश

हाई कोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने 19 मार्च को इस मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। 28 अप्रैल को कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा रद्द नहीं होगी। हालांकि, कोर्ट ने निर्देश दिया कि आगे से परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी के गठन करने के लिए कहा है।

अब सुप्रीम कोर्ट का खटखटाएंगे दरवाजा

हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद पटना के शिक्षक गुरु रहमान ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहीं, कई छात्रों ने भी अब सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख करने की बात कही है।

यह भी पढ़ें: ईद की छुट्टी कैंसिल होने पर छिड़ा विवाद, लोगों ने बीजेपी सरकार पर मुस्लिमों को लेकर लगाए ये गंभीर आरोप

छात्रों ने पटना में किया था जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला ने काफी तूल पकड़ा था। इसके खिलाफ छात्रों ने पटना की सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर का भी समर्थन मिला था। वे कई दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। पीके के अलावा कई और नेताओं और बिहार के प्राइवेट संस्थान के शिक्षकों ने अभ्यर्थियों का साथ दिया था।

यह भी पढ़ें: Public Holidays: अप्रैल में छुट्टियों की भरमार! इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज, सरकारी दफ्तर और बैंक, यहां देखें पूरी लिस्ट