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ईंटें रखेंगी घर को ठंडा और महंगे बिजली बिल से मिलेगी राहत, आईआईटी गुवाहाटी में हुई उपयोगी खोज

घरों को ठंडा रखने के लिए आईआईटी गुवाहाटी में एक खोज हुई है। क्या है यह खोज? आइए जानते हैं।
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IIT Guwahati

IIT Guwahati

गर्मी के दिनों में घर को ठंडा करने के लिए महंगे यंत्रों और भारी बिजली की जरूरत होती है। इसी ऊर्जा को बचाने की दिशा में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) ने राहतभरा कदम उठाया है। शोधकर्ताओं ने ऐसी ईंटें तैयार की हैं, जो सस्ती होने के साथ ही घर को ठंडा रखने में भी मददगार होगी। इन ईंटों की खासियत यह है कि ये बाहर की गर्मी को दीवार के अंदर आने से रोकती है। इससे घर के भीतर का तापमान सामान्य बना रहता है।

एसी और कूलर चलाने की ज़रूरत कम पड़ेगी

आईआईटी गुवाहाटी के शोधकर्ताओं का दावा है कि इन ईंटों के इस्तेमाल से घरों में एसी और कूलर चलाने की ज़रूरत कम पड़ेगी, जिससे सीधे तौर पर बिजली की बचत होगी। पर्यावरण अनुकूल ये ईटें बढ़ती गर्मी और बिजली के भारी बिल की परेशानी के बीच यह तकनीक मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकती है। एसी कम चलने से प्रदूषण भी कम होगा, जो पर्यावरण के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।

कचरे से बनी हैं ये खास ईंटें

आईआईटी गुवाहाटी के स्कूल ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग व स्कूल ऑफ एग्रो एंड रूरल टेक्रोलॉजी के शोधार्थियों ने इन ईटों को तैयार किया है। इन ईंटों को तैयार करने के लिए टीम ने खेती और उद्योगों से निकलने वाले कचरे और सामान्य मिट्टी का प्रयोग किया। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये ईंटें परंपरागत लाल ईंटों की तुलना में काफी हल्की और मज़बूत हैं, जिससे इमारतों का वज़न भी कम होगा।

बिजली बिल होगा कम

शोधार्थियों के अनुसार इन ईंटों के निर्माण में थर्मल इंसुलेशन का खास ध्यान रखा गया है। इससे बिजली का बिल भी कम होगा, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और पैसों की बचत होगी। गर्मी के मौसम में ये ईंटें सूरज की तपिश को सोख लेती हैं और कमरे के भीतर का माहौल ठंडा बनाए रखती हैं। 28 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान और नमी वाले स्थानों के लिए यह ईटें मुफीद हैं। इन ईटों के व्यवसायिक उपयोग के लिए सर्टिफिकेशन और उद्योग से जुड़े लोगों से भी अब बातचीत की जा रही है।