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सीएम रेवंत रेड्डी से BRS प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने मांगा इस्तीफा, POCSO आरोपी को बचाने का लगाया आरोप

Bandi Bhagirath POCSO Case: ‘अगर किसी ने हैदराबाद में POCSO के आरोपी को 9 दिनों तक बचाया, तो वह रेवंत रेड्डी हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने किसके कहने पर ऐसा किया।’

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भारत

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Saurabh Mall

May 22, 2026

KT Rama Rao- Revanth Reddy

BRS प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने सीएम रेवंत रेड्डी मांगा इस्तीफा (इमेज सोर्स: ANI)

KT Rama Rao Attack on CM Revanth Reddy: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। BRS प्रेसिडेंट केटी रामा राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ को नौ दिनों तक बचाने की कोशिश की गई है। जबकि वह POCSO का आरोपी है।

इतना ही नहीं, KTR ने केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है, ताकि किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव न बने।

पुलिस कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल

केटीआर ने पुलिस कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाते हुए रिपोर्टर्स से कहा, "अगर किसी ने हैदराबाद में POCSO के आरोपी को 9 दिनों तक बचाया, तो वह रेवंत रेड्डी हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने किसके कहने पर ऐसा किया।" उन्होंने आगे कहा कि अगर आरोपी किसी आम परिवार से जुड़ा होता, तो पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की होती।

केटीआर ने आगे कहा, "मुझे बताएं, अगर यह किसी आम आदमी का बेटा या बेटी होता जिसने ऐसा किया होता, तो क्या पुलिस उनके परिवार को छोड़ देती? पुलिस उन्हें उठा लेती, पुलिस स्टेशन ले आती और 24 घंटे के अंदर सच उगलवाने के लिए पीटती।"

केटीआर ने कथित देरी पर सफाई मांगते हुए पूछा, "हम बस यह पूछ रहे हैं कि किसने POCSO के आरोपी को 9 दिनों तक बचाया। ये रेवंत रेड्डी ने किया।"

यही नहीं, यूनियन मिनिस्टर बंदी संजय कुमार पर निशाना साधते हुए, KTR ने सवाल उठाया कि अगर कोई यूनियन मिनिस्टर ऑफिस में रहता है तो किसी भी जांच की निष्पक्षता क्या होगी। KTR ने रिपोर्टर्स से कहा, "अगर आप यूनियन मिनिस्टर हैं तो बिना किसी भेदभाव के जांच कैसे होगी? PM मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था। लेकिन जब एक्शन की बात आती है, तो यहां बेटा बचाओ, बेटा भगाओ किया जा रहा है।"

जानें पूरा मामला?

बता दें POCSO एक्ट से जुड़े इस मामले में बंदी साई भगीरथ को 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके वकील एडवोकेट करुणासागर ने कहा कि भगीरथ ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया और जांच में पूरा सहयोग किया। उन्होंने दावा किया कि अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके क्लाइंट बेगुनाह साबित होंगे।

इस मामले पर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कुछ भी गलत नहीं किया है और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए बताया कि इस पूरे विवाद और तनाव की वजह से उनकी मां को हार्ट स्ट्रोक भी आया। बंदी संजय ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से भावुक न होने और पार्टी को मजबूत बनाने पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी पारिवारिक मामला है और वे इसे कानूनी तरीके से लड़ेंगे।