22 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिका में भारतीय जांबाजों की पहली ‘एंटी-टेरर’ एंट्री, ‘Battle in the Bay’ में अमेरिकी कमांडो भी देखते रह गए!

INDIAN ARMY: अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित SOF Week 2026 में भारतीय स्पेशल फोर्सेज ने पहली बार लाइव कॉम्बैट प्रदर्शन में हिस्सा लेकर वैश्विक मंच पर अपनी बेजोड़ ताकत का लोहा मनवाया है। आतंकवाद विरोधी अभियान और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जंग लड़ने की भारतीय जांबाजों की रणनीति देखकर 70 से अधिक देशों के रक्षा विशेषज्ञ दंग रह गए।

3 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

May 22, 2026

Indian Army

भारतीय सेना । ( फोटो: ANI)

SPECIAL FORCES: वैश्विक रक्षा परिदृश्य में भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। अमेरिका के फ्लोरिडा (टाम्पा) में आयोजित हुए प्रतिष्ठित 'स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज वीक 2026' में भारत की स्पेशल फोर्सेज ने पहली बार महज एक दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि सीधे युद्ध कौशल का प्रदर्शन करने वाले योद्धा के रूप में कदम रखा। इस मेगा ईवंट के सबसे मुख्य आकर्षण 'बैटल इन द बे' यानि तटीय युद्ध कौशल प्रदर्शन में भारतीय कमांडोज ने अमेरिकी और अन्य मित्र देशों की सेनाओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर लाइव ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह पहला मौका है जब भारतीय थल सेना की एक विशेष विंग ने इस लाइव कॉम्बैट शोकेस में अपनी युद्ध कला का सजीव प्रदर्शन किया है।

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने किया भारतीय दल का नेतृत्व

इस बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक दौरे पर भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल की कमान वेस्टर्न कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह संभाल रहे थे। जनरल सिंह भारतीय सशस्त्र बलों के सबसे वरिष्ठ सेवारत स्पेशल फोर्सेज अधिकारी हैं। उनकी वहां मौजूदगी ने इस ईवंट को और भी ज्यादा खास बना दिया। उन्होंने अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और साउथकॉम के शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन हाई-लेवल मीटिंग्स का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्पेशल ऑपरेशंस के अनुभव साझा करना, आतंकवाद के नए खतरों से निपटने की रणनीति बनाना और भविष्य की रक्षा साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाना था।

आतंकवाद विरोधी और जंगल वॉरफेयर में भारत का कोई सानी नहीं

'बैटल इन द बे' के दौरान जब भारतीय सेना की टुकड़ी पानी, जमीन और हवा से एक साथ टारगेट को नेस्तनाबूद करने उतरी, तो वहां मौजूद 70 से अधिक देशों के सैन्य प्रतिनिधि और रक्षा उद्योग के विशेषज्ञ देखते रह गए। भारतीय जांबाजों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, अपरंपरागत युद्ध, अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मुकाबला और खतरनाक घने जंगलों में छिपे दुश्मनों को ढेर करने की अपनी अनूठी कला का प्रदर्शन किया। कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना का जो तजुर्बा है, उसकी गूंज इस अमेरिकी सैन्य प्रदर्शन में साफ तौर पर दिखाई दी।

भारत-अमेरिका रक्षा दोस्ती का नया स्वर्णिम अध्याय

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एसओएफ सप्ताह 2026 में भारत की यह सक्रिय भागीदारी दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत होते रणनीतिक और सैन्य संबंधों का जीता-जागता सबूत है। भारत अब केवल वैश्विक रक्षा बैठकों का हिस्सा नहीं बन रहा, बल्कि वैश्विक सैन्य रणनीतियों को आकार देने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। टाम्पा में भारतीय सेना का यह कदम वैश्विक स्पेशल ऑपरेशंस रणनीति, इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी समन्वय) और भविष्य की सैन्य क्षमताओं के विकास में भारत की बढ़ती धमक को प्रदर्शित करता है।

भारत की इस ऐतिहासिक एंट्री पर जबरदस्त प्रतिक्रिया

वैश्विक रक्षा गलियारों में भारत की इस ऐतिहासिक एंट्री पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने भारतीय जांबाजों के अनुशासन, मानसिक दृढ़ता और खतरनाक परिस्थितियों में तुरंत सटीक फैसला लेने की क्षमता की जमकर तारीफ की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भारतीय नागरिकों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है और वे भारतीय सेना के इस कदम को "वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर बढ़ते कदम" के रूप में देख रहे हैं।

भारत और अमेरिका के बीच बड़ा द्विपक्षीय स्पेशल फोर्सेज युद्धाभ्यास

सूत्रों के मुताबिक, इस सफल सैन्य प्रदर्शन के बाद भारत और अमेरिका के बीच आने वाले महीनों में एक बड़ा द्विपक्षीय स्पेशल फोर्सेज युद्धाभ्यास आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। टाम्पा में मिले इस अनुभव और तालमेल को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए संयुक्त एसओपी भी विकसित कर सकते हैं।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सर्विलांस ड्रोन का बारीकी से निरीक्षण किया

इस खबर का एक अन्य पहलू यह भी है कि इस आयोजन में दुनिया भर की शीर्ष डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने अपनी अत्याधुनिक तकनीकों और हथियारों की प्रदर्शनी लगाई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इन आधुनिक गैजेट्स, सर्विलांस ड्रोन और नाइट-विजन उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया, जो भविष्य में 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी हथियार प्रणालियों के निर्माण में मददगार साबित हो सकते हैं। (इनपुट:ADGPI Indian Army)