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Budget 2023 : मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न योजना, किसानों के लिए कई तोहफे

Budget 2023 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को आम बजट 2023-24 पेश किया। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। तो मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न योजना शुरू की जा रही है। साथ इस बजट में किसानों को कई तोहफे दिए गए।

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Budget 2023 : मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न योजना, किसानों के लिए कई तोहफे

finance ministerNirmala Sitharaman gifts for farmers 1 फरवरी को आम बजट 2023-24 पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2024 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश करेंगी। वित्त मंत्री सीतारमण 5वीं बार बजट पेश कर रहीं हैं। आम बजट 2023-24 पेपरलेस बजट होगा। संसद में आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि, अमृत काल में यह पहला बजट है। वर्तमान वर्ष के लिए हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7 फीसद रहने का अनुमान है, यह विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है। बजट में मोटे अनाज को बढ़ावा दिया गया है। किसानों और जनता का रुझान मोटे अनाज की तरफ फिर से बढ़े इसलिए वित्त मंत्री ने श्रीअन्न योजना शुरू की है। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। इसके साथ ही बजट में किसानों को कई तोहफे दिए गए हैं।

कृषि-स्टार्टअप के लिए Agriculture Accelerator Fund

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए एक Agriculture Accelerator Fund स्थापित करने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपए किया गया।

भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को मिलेगा बढ़ावा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि, पीएम विश्व कर्म कौशल सम्मान-परंपरागत कारीगरों और शिल्पकारों के लिए सहायता के पैकेज की परिकल्पना की गई है, जो उन्हें एमएसएमई मूल्य श्रृंखला के साथ एकीकृत करते हुए अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैमाने और पहुंच में सुधार करने में सक्षम बनाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि, भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में समर्थन दिया जाएगा।

श्री अन्न क्या है जानें

श्री अन्न क्या है। श्रीअन्न को देवान्न भी कहते हैं। मोटे अनाजों को श्री अन्न का दर्जा दिया गया है। श्री अन्न को अनाजों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। लोगों की थाली में एक बार फिर मोटे अनाजों को लाने की कोशिश की जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि, हम कई प्रकार के श्री अन्न उगाते हैं। इसमें ज्वार, रागी, बाजरा, रामदाना, चीना, और सामा आदि शामिल हैं। इन श्री अन्न को अब बड़े स्तर पर अपने भोजन का अंग बनाने की तैयारी पर काम किया जाएगा। इसके लिए हैदराबाद के भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने की तैयाारी है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत बाजरा का सबसे बड़ा उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।

भारत बाजरे का सबसे बड़ा उत्पादक

वर्ष 2020 में भारत 41 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ विश्व में बाजरा का सबसे बड़ा उत्पादक है। एफएओ के आंकड़े अनुसार, देश के 20 से अधिक राज्यों में 9 प्रकार की फसलें खरीफ फसलों के रूप में उगाई जाती हैं। इनमें प्रमुख फिंगर बाजरा (रागी या मंडुआ), बाजरा (बाजरा), और ज्वार (ज्वार) हैं। मामूली बाजरा में फॉक्सटेल बाजरा (कांगनी या काकुन), बार्नयार्ड बाजरा (सावा या सनवा, झंगोरा), छोटा बाजरा (कुटकी), शामिल हैं। कोदो बाजरा (कोडोन), प्रोसो बाजरा (चीना) और ब्राउनटॉप बाजरा आदि शामिल हैं। राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश इसके प्रमुख उत्पादक हैं।

वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए पीएम प्रणाम योजना

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि, वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए पीएम प्रणाम योजना की शुरूआत की जाएगी। गोबरधन स्कीम के तहत 500 नए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।

वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष

वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। इस मौके पर संसद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर भी कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। यहां तक की संसद की कैंटीन में अब मोटे अनाज से बने कई तरह के व्यंजन उपलब्ध हो रहे हैं।

यूपी में मोटे अनाज को बढ़ावा देने को सीएम योगी ने कमर कसी

पिछले दिनों यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना का एलान किया था। इसके तहत राज्य सरकार इस वर्ष के दौरान मोटे अनाज के फायदे को बताने और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 110 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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