
पीएम मोदी (Photo: IANS/PMO)
संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है। बजट सत्र से पहले भारत और यूरोपीय यूनियन ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस डील को मदर ऑफ ऑल डील करार दिया है। वहीं, अमेरिकी टैरिफ के बाद निर्मला सीतारमन पहली बार बजट पेश करने जा रही हैं। वैश्विक उथल पुथल के बीच केंद्रीय बजट पर सबकी निगाह है। बजट सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म हमारी सरकार की पहचान है। यही हमारी नीति है।
पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 के प्रारंभ में ही राष्ट्रपति ने संसद के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने उन अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना से आगामी कार्यवाही में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कई मार्गदर्शन वाली बातें हम सभी के सामने रखी थीं। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। मैं सभी तरह के प्रोड्यूसर्स से अपील करूंगा कि अब जब भारत-यूरोपियन यूनियन का मार्केट खुल गया है तो एक बहुत बड़ा मार्केट उपलब्ध है और हमारा सामान वहां कॉम्पिटिटिव कीमतों पर पहुंच सकता है। उन्हें सिर्फ हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है, तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरों, किसानों, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है। हमने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर तेजी से शुरुआत की है। मैं इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में उनके सकारात्मक योगदान के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। नतीजतन, 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' गति पकड़ रही है।
उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान का रोना रोने की नहीं है। आज भूमिका समाधान ढूंढने और उन्हें जमीन पर उतारने की है। उन्होंने आगे कहा कि कोई हमारी कितनी भी आलोचना करे, लेकिन एक बात हर कोई कहता है कि सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजना को फाइल तक नहीं, लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। इसी परंपरा को हम रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन के रिफॉर्म में आगे बढ़ाने वाले हैं।
आर्थिक मामलों के जानकारों ने कहा कि मोदी सरकार आगामी बजट में अमेरिकी टैरिफ की चुनौतियों से निपटने के लिए कई प्रयास कर रही है। बजट में उसकी झलक भी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट इंसेंटिव, कस्टम ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने आदि के जरिए बेहतर प्रदर्शन से मार्जिन को अतिरिक्त सहारा मिलेगा और मैन्युफैक्चरर्स, MSMEs आदि को मजबूत सपोर्ट के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर अच्छे प्रदर्शन के साथ कमाई की विजिबिलिटी बनी रहेगी, जिससे घरेलू मांग के जरिए दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मार्केट पॉलिसी में निरंतरता और राजकोषीय घाटे पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि इन सब प्रयासों के जरिए भारत ग्लोबल टैरिफ में उतार-चढ़ाव से निपट सकता है और लॉन्ग-टर्म रुकावट का असर अधिक नहीं होगा।
Updated on:
29 Jan 2026 11:48 am
Published on:
29 Jan 2026 11:48 am
